तात्याटोपे नगर में रहने वाली एएनएम मीनाक्षी गौतम ने शनिवार देर शाम फांसी लगाकर जान दे दी। पति के मुताबिक पिछले आठ माह से वह मेटरनिटी लीव पर थी।
दो दिन पूर्व काम पर लौटी तो दो माह का वेतन काटे जाने की जानकारी हुई। इससे वह तनाव में थी। बर्रा कार्यवाहक एसओ रामबाबू पटेल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
कानपुर देहात की मीनाक्षी गौतम घाटमपुर के कैथा-ब्लाक सीएचसी में एएनएम पद पर कार्यरत थी। डेढ़ वर्ष पूर्व मीनाक्षी ने घाटमपुर के मिल्किनपुर गांव के सुनील सचान से प्रेम विवाह िकया था।
दंपति तात्याटोपे नगर एलआईजी में किराए के मकान में रह रहे थे। सुनील ने बताया कि शनिवार देर शाम वह दवा लेने के लिए मोहल्ले के एक मेडिकल स्टोर पर गए थे।
पिता कमलेश नारायण आठ माह की बेटी नव्या को लेकर घर के बाहर थे। घर लौटे तो मीनाक्षी ने कमरे में दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सुनील ने घटना की सूचना ससुर लाला राम और परिजनों सहित बर्रा पुलिस को दी। वहीं लड़की के पिता लालाराम का आरोप है कि सुनील बेेराजगार था। इसी से वह मानसिक तनाव में थी।
वहीं, सीएचसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुज दीक्षित ने बताया कि स्वास्थ्य अभियान में शामिल न होने के कारण मीनाक्षी का दो माह का वेतन काटा गया था।