ट्यशन न पढ़ने पर शिक्षकों और प्रबंधक की पिटाई से आहत होकर एक छात्र ने बर्रा-6 स्थित कर्मयोगी विद्या निकेतन इंटर कॉलेज में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर स्कूल प्रबंधन ने उसे आनन-फानन नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। आईसीयू में उसका इलाज चल रहा है। मामले की जानकारी होने पर परिजन स्कूल पहुंचे, इस दौरान कुछ लोगों ने स्कूल पर पथराव कर शीशे तोड़ दिए जिससे अफरा तफरी मच गई। बर्रा थानाध्यक्ष संतोष सिंह का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर शिक्षकों और प्रबंधक के खिलाफ मारपीट करने, खुदकुशी के लिए उकसाने और एससीएसटी एक्ट का मामला दर्ज किया गया है।
बर्रा-6 ए सेक्टर निवासी संतोष पासी ने पुलिस को बताया कि उनका छोटा बेटा कर्मयोगी विद्या निकेतन कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र है। कक्षा नौ तक सुमित स्कूल में ही ट्यूशन पढ़ रहा था, लेकिन इस साल अभी तक ट्यूशन शुरू नहीं कराया है। इसे लेकर आए दिन स्कूल के शिक्षक निधि, विवेक और आलोक सुमित को प्रताड़ित करते थे। बुधवार को भी शिक्षक निधि ने किसी बहाने से बेटे को पीटा और प्रबंधक रबीश द्विवेदी के पास ले गई, जहां उन्होंने भी उसे मारा। इसके बाद बेटा घर चला आया और परिजनों को पूरी बात बताई तो परिजन स्कूल पहुंचे। पिता का आरोप है कि स्कूल में शिक्षकों ने अपने किए पर माफी मांग ली तो वे लौट आए। उनके लौटने के बाद शिक्षकों ने फिर बेटे को आंख दिखाई तो उसने जेब में रखी जहर की पुड़िया निकाली और जहर खा लिया। थोड़ी देर बाद बेटे की हालत बिगड़ने पर स्कूल में हड़कंप मच गया। स्कूल वालों ने बेटे को पास के कबीर नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। इधर मोहल्ले वालों ने स्कूल पहुंच कर बवाल काटा और पथराव कर स्कूल के शीशे तोड़ दिए। बर्रा क्षेत्र के कई स्कूलों के प्रबंधकों और वरिष्ठ शिक्षकों ने कर्मयोगी स्कूल की ओर से अस्पताल पहुंचकर परिजनों पर समझौते का दबाव बनाने की कोशिश की। पिता संतोष का आरोप है कि स्कूल के शिक्षक बेटे पर जबरन टयूशन पढ़ाने का दबाव पिछले कई दिनों से बना रहे थे। इससे बेटा परेशान था। दूसरी ओर एसओ बर्रा संतोष सिंह ने बताया कि स्कूल प्रबंधक रबीश द्विवेदी और शिक्षकों निधि, विवेक और आलोक के खिलाफ धारा 323, 328 और 504 के अलावा एससीएसटी का मामला दर्ज किया गया है। छात्र की हालत अब खतरे से बाहर है।
अन्य छात्रों ने भी किए तहरीर में हस्ताक्षर
कानपुर। स्कूल के छात्रों में प्रबंधन के खिलाफ इस कदर नाराजगी है कि जब संतोष ने पुलिस को तहरीर दी तो उसके क्लास के छह से अधिक छात्रों ने उस तहरीर पर अपने हस्ताक्षर क्लास व सेक्शन के साथ किए हैं। इन छात्रों का कहना है कि वाकई सुमित शिक्षकों के उत्पीड़न से परेशान है।