काकादेव में सपा से जुड़े अर्जित तिवारी के दफ्तर में घुसकर कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की। एतराज करने पर अर्जित और उनके कर्मचारियों को पीटा।
आरोप है कि हमलावर 10 हजार रुपये भी लूट कर ले गए हैं। कंट्रोल रूम की सूचना पर पांडु नगर चौकी प्रभारी मौकेपर गए और छानबीन की।
चौकी प्रभारी के मुताबिक मामला मामूली विवाद का है। लूट और तोड़फोड़ का आरोप निराधार है। फिर भी अर्जित की तहरीर के आधार पर मामले की गहनता से जांच की जा रही है। वाकया शनिवार दोपहर का है।
कारोबारी अर्जित तिवारी रामबाग में रहते हैं। पांडु नगर में दफ्तर है। अर्जित का कहना है कि वह कर्मचारियों के साथ दफ्तर में मौजूद थे।
इसी दौरान शास्त्री नगर निवासी जितेंद्र चावला अपने आठ-नौ साथियों के साथ उनके दफ्तर में घुस आए। उनके और उनके दोस्त हिमांशू के साथ मारपीट की।
विरोध करने पर दफ्तर में तोड़फोड़ की। दफ्तर की मेज की दराज में रखे 10 हजार रुपये उठा ले गए। अर्जित के मुताबिक उन्होंने कुछ समय पहले जितेंद्र को 20 हजार रुपये उधार दिए थे।
जब उन्होंने रूपया वापस मांगा तो जितेंद्र खुन्नस मान बैठा। उनका फोन रिसीव करना भी जितेंद्र ने बंद कर दिया। अर्जित का आरोप है कि रुपया न देना पड़े इसलिए जितेंद्र ने मारपीट और तोड़फोड़ की है।
घटना की सूचना उन्होंने डायल 100 पर दी थी। इधर, एसओ काकादेव शशिूषण मिश्रा का कहना है कि कंट्रोल रूम की सूचना चौकी प्रभारी को मौकेपर भेजा गया।
चौकी प्रभारी ने बताया कि अर्जित और जितेंद्र में पुराना विवाद है। 15 दिन पहले भी दोनों में झगड़ा हुआ था। फौरी जांच में तोड़फोड़ और लूट का आरोप झूठा प्रतीत हो रहा है।