रोते बिलखते मृतक के परिजन, पूछताछ करती पुलिस
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छोटी से बात से नाराज रामरहीस का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उसने तमंचा निकालकर ‘अपनों’ पर ही ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दिया। इस घटना में उसके पिता की मौत हो गई, भाई गम्भीर रूप से घायल है। मामला यूपी के फर्रुखाबाद जिले का है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली के मदनापुर पिपरगांव गांव में गुरुवार को दो भाइयों के बीच हुए झगड़े में बड़े ने छोटे भाई और बीचबचाव करने पहुंचे पिता पर गोलियों की बौछार कर दी। लोहिया अस्पताल में पिता को मृत घोषित कर बड़े भाई सैफई मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। मौके पर पहुंचे एएसपी अशोक कुमार और सीओ सिटी आलोक सिंह ने जांच की। आरोपी भाई घर छोड़कर भाग निकला है। घायल नरेंद्र के बेटे सचिन ने ताऊ रामरहीस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सीओ के मुताबिक नलकूप में लगे स्टार्टर की मरम्मत में खर्च हुए रुपयेे को लेकर झगड़ा हुआ था। उन्होंने बताया कि तहरीर न मिलने से रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई है। जांच में सामने आया कि मृतक पिता शिवरतन सिंह यादव (65) के पांच बेटों में पहले नंबर के रामरहीस और नरेंद्र उर्फ पप्पू के बीच झगड़ा हुआ था। शिवरतन सिंह के तीन अन्य बेटे संजीव उर्फ संजू, उपेंद्र सिंह, सर्वेंद्र सिंह हैं। परिवारीजनों के मुताबिक शिवरतन सिंह ने थाना मऊदरवाजा के चौखंडा चौराहे पर पांच दुकानें बनवाई थीं। एक दुकान में रामरहीस ने आटा चक्की खोल रखी है। शिवरतन सिंह दूध, क्रीम की दुकान चलाते थे। कुछ दिन पहले खेत में लगे नलकूप के खराब स्टार्टर को रामरहीस ने सही कराया था। गुरुवार को शिवरतन सिंह और रामरहीस जब अपनी-अपनी दुकान पर थे, तभी नरेंद्र उर्फ पप्पू वहां पहुंचा। दोपहर करीब 12 बजे रामरहीस ने नरेंद्र से स्टार्टर सही करने में खर्च हुए 1400 रुपये मांगे। नरेंद्र ने कम खर्च होने की बात कही तो दोनों भाइयों में विवाद होने लगा। पल भर बाद ही रामरहीस ने तमंचा निकालकर भाई पर फायर झोंक दिया। यह देख पिता दौड़े आए और बीचबचाव करने लगे। आरोप है कि रामरहीस ने पिता पर भी गोलियों की बौछार कर दी। घटना की खबर मिलते ही उपेंद्र सिंह, अपने चाचा रितुवरन सिंह और परिवार के अन्य लोगों के साथ आ गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।