कानपुर। नवाबगंज एसओ उदय प्रताप यादव के खिलाफ उनकी प्रेमिका ने रेप, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धाराओं में महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। शनिवार को नवाबगंज थाने पहुंची प्रेमिका ने एसओ पर शादी का दबाव बनाया तो दोनों में मारपीट हो गई। एसओ ने युवती का फोन तोड़ डाला। मारपीट में थाने का एक दरवाजा भी टूट गया।
हंगामे के बीच युवती ने जहर खाने की धमकी दी तो एसओ वहां से खिसक लिए। एसओ का रिश्तेदार युवती को वहां से ले गया लेकिन शाम को वह फिर थाने पहुंच गई। दोबारा हंगामा होने पर पुलिस युवती को महिला थाने ले गई, जहां एसओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। मामले की जानकारी पर एसएसपी ने एसओ को सस्पेंड कर दिया। युवती ने खुद को गर्भवती बताया है। गाजीपुर की रहने वाली बीएससी सेकेंड ईयर की छात्रा (22) सीसामऊ में किराए का कमरा लेकर पढ़ाई कर रही है।
छात्रा का आरोप है कि नवाबगंज एसओ मैनपुरी निवासी उदय यादव (31) ने खुद को अविवाहित बताते हुए शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बना लिए। पिछले ढाई साल से वह उदय के संपर्क में है। शुक्रवार को प्रेमिका ने फोन किया तो उनकी पत्नी ने फोन रिसीव किया। इससे एसओ के शादीशुदा होने की बात खुली।
शनिवार सुबह प्रेमिका थाने पहुंच गई और एसओ पर शादी करने का दबाव बनाया। थाने में फजीहत होते देख एसओ ने प्रेमिका के साथ मारपीट शुरू कर दी। तमतमाए एसओ ने युवती का मोबाइल फोन तोड़ दिया और दफ्तर के दरवाजे का शीशा भी टूट गया। युवती ने जहर खाने की धमकी दी तो एसओ जीडी में पांच दिन की छुट्टी की बात लिखकर थाने से भाग निकले। एसओ अपने को सपा के बड़े नेता का रिश्तेदार भी बताता है।
मीडिया कर्मियों के थाने पहुंचने एसओ के कारखास और थाने में रहने वाले एसओ के भतीजे ने युवती को एक लग्जरी कार से थाने से हटा दिया। देर शाम तक मामला मैनेज नहीं होने पर प्रेमिका फिर थाने पहुंच गई और जहर खाने का प्रयास किया। महिला पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर महिला थाने सिविल लाइंस पहुंचा दिया।
छात्रा की तहरीर पर एसएसपी के आदेश पर एसओ उदय प्रताप के खिलाफ रेप, जान से मारने की धमकी, मारपीट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि एसओ को सस्पेंड कर दिया गया है। जल्द ही गिरफ्तारी होगी।
तहरीर से शुरू हुई प्रेम कहानी तहरीर पर खत्म
कानपुर। पीड़ित छात्रा की प्रेम कहानी की शुरुआत सचेंडी थाने में तहरीर देने के बाद शुरू हुई थी। ढाई साल बाद छात्रा की तहरीर पर एसओ के खिलाफ रेप की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही दोनों की प्रेम कहानी का अंत हो गया। पीड़िता ने बताया कि ढाई साल पहले उसके भाई का सचेंडी में एक्सीडेंट हो गया था और कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की थी। जिसकी तहरीर छात्रा ने सचेंडी थाने में दी थी। तब उदय यादव सचेंडी एसओ हुआ करते थे।
एसओ ने छात्रा की तहरीर से उसका नंबर हासिल कर लिया। फिर उसे पूछताछ के बहाने थाने पर कई बार बुलाया। इस दौरान उससे नजदीकियां बढ़ाता चला गया। खुद को अविवाहित बताकर शादी का झांसा दिया और शारीरिक संबंध भी बनाए। छात्रा ही नहीं एसओ की उसकी सहेलियों से भी दोस्ती थी। उसे कॉलेज लेने जाना और छोड़ने अक्सर जाता था। कॉलेज की छात्राएं भी इस बात को जानती हैं।
छात्रा गर्भवती, दो बार कराया गर्भपात
पीड़िता ने आरोप लगाया कि ढाई साल के भीतर एसओ ने उसका बर्रा बाईपास स्थित एक नर्सिंगहोम में दो बार गर्भपात कराया। छात्रा ने बताया कि मौजूदा समय में भी वह गर्भ से है। छात्रा ने बताया कि एसओ खुद को सपा के प्रभावशाली कैबिनेट मंत्री का रिश्तेदार बताकर धमकी देता है। इसके साथ ही भट्ठे में झोंककर हत्या करने की बात कही।
थाने में मारने का आरोप
सिविल लाइंस स्थित महिला थाने में छात्रा ने बताया कि शुक्रवार रात को ही वह थाने पहुंच गई थी। उसने धोखा देने की बात कहते हुए थाने में हंगामा किया तो उदय यादव ने उसे कमरे में बंधक बना लिया और बाहर नहीं निकलने दिया।
इसके साथ ही अपने चेहरे, गर्दन, पैर सहित अन्य चोटों को दिखाते हुए कहा कि थाने में बंधक बनाकर रात भर मारा गया और उसकी हत्या करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद छात्रा को मेडिकल के लिए भेज दिया। वहीं दरोगा और सिपाही चुप्पी साधे रहे और मामला मैनेज करने का प्रयास करते रहे।
दारोगा ने ले ली थी जान
नवीन नगर पांडु नगर निवासी विनीता सचान ने 19 मई 2015 को प्रतापगढ़ में तैनात दारोगा ज्ञानेंद्र सिंह के खिलाफ काकादेव थाने में बेटी ईशा सिंह के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ईशा का विवाह दारोगा ज्ञानेंद्र सिंह से हुआ था। कौशांबी के महेबा घाट क्षेत्र में यमुना किनारे ईशा की सिर कटी लाश मिली थी।
सीओ को दस साल की कैद
तत्कालीन सीओ अमर जीत सिंह शाही काफी समय तक एक छात्रा का यौन शोषण करते रहे। सीओ के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज हुआ। कोर्ट ने उन्हें दस साल की सजा सुनाई है।