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शोहदों से बचने के लिए तिमंजिले से कूदी शालिनी, मौत

Fri, 03 Feb 2017 09:08 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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शालिनी की फाइल फोटो और उसका घर - फोटो : अमर उजाला
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शोहदों से बचने के लिए बीए की छात्रा ने तिमंजिले से छलांग लगा दी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। मामला यूपी के फतेहपुर जिले का है। सदर कोतवाली क्षेत्र के अहमदगंज मोहल्ले में तिमंजिले से छलांग लगा लेने वाली छात्रा शालिनी रैदास (18) की हैलट में गुरुवार रात मौत हो गई। परिजन शुक्रवार को कानपुर से पोस्टमार्टम के बाद घर लौटे। इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई व तफ्तीश की बात कह रही है। 
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‘दीदी डिप्रेशन में चली गई थी’ 

मृतक शालिनी की बहन
शालिनी शहर के अहमदगंज मोहल्ला निवासी सरजू प्रसाद की बेटी थी। वह निवेदिता सिंह महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। गुरुवार की शाम घर की छत से कूद गई थी। रात करीब 11बजे कानपुर हैलट में उसकी सांसें थम गईं। परिजनों के साथ मां संध्या देवी शुक्रवार शाम मोहल्ले में शव लेकर आईं। परिजनों ने भिटौरा घाट में अंतिम संस्कार किया। छोटी बहन नेहा ने बताया कि इलाके का एक युवक सोमवार को घर में घुस आया था। उसने दीदी के साथ छेड़खानी की। चीख सुनकर भाई रोहित पहुंच गया था। भाई के विरोध करने पर आरोपी ने अपने पक्ष के लोगों के साथ उसे पीट भी दिया था। फौरन 100 नंबर में कॉल कर पुलिस को बुलाया था। बहन ने तहरीर लिखी और यूपी-100 को दे दी। इसके बाद आरोपी पक्ष के लोगों ने इकठ्ठा होकर बहन पर समझौते का दबाव बनाया। दूसरे पक्ष ने भाई के खिलाफ ही मारपीट की तहरीर देकर रिपोर्ट कराने की धमकी दी थी। इसी तनाव में दीदी डिप्रेशन में चली गई और गुरुवार को छत से कूदकर जान दे दी। 

मोहल्ले में तनाव

पूरे इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है
घटना के बाद मोहल्ले के लोग दो हिस्सों में बंटे दिखे। इससे माहौल तनाव भरा है। पिता ने अंतिम संस्कार के बाद तहरीर देने की बात कही है। कोतवाल महेश पांडेय ने बताया कि छात्रा की मौत होने की जानकारी मिली है। परिजनों की तहरीर आते ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। उसके पोस्टमार्टम की कार्रवाई कानपुर में हुई है। छात्रा के पिता से गुरुवार शाम संपर्क किया गया था। तब उसने सीढ़ियों से बेटी के गिरने की बात कही थी। 

छात्र की जान बचाने में पुलिस तंत्र हुआ फेल 

मृतक शालिनी के रिश्तेदार
फतेहपुर के अहमदगंज मोहल्ले की छात्रा शालिनी की मौत से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। छात्रा की ओर से घटना के बावत यूपी 100 नंबर में पहले सूचना दी गई थी। यूपी 100 मौके पर भी पहुंची उसने पीड़िता को कोतवाली पहुंचाया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। पुलिस के सामने आरोपी के पक्ष से कई राजनैतिक लोग पहुंच गए थे। इसी दबाव में पुलिस ने छात्रा को टरका दिया था। पीड़िता की मां शुक्र वार की शाम छत से कूदने के बाद लहूलुहान हालत में बेटी को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। वह पुलिस की मदद चाहती थी। उसने अस्पताल से ही 1090 और 100 नंबर में कॉल की लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि इन हालातों में कोई भी पीड़ित होगा तो उसका भरोसा पुलिस कार्यशैली से टूट जाएगा। कोतवाल महेश पांडेय ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सोमवार को समझौता हो गया था। 
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डोली से पहले शालिनी का जनाजा उठा 

शालिनी की फाइल फोटो
अहमदगंज मोहल्ले के रहने वाले सरजू प्रसाद के परिवार में बेटी की विदाई से पहले उसका जनाजा उठने से माहौल बेहद गमगीन है। परिवार शालिनी की शादी की तेजी से तैयारियों में जुटा था। शालिनी का रिश्ता इंदौर में तय हुआ था। सगाई, वरीक्षा की रस्में पूरी हो चुकी थीं। अप्रैल माह में शालिनी की डोली घर से उठनी थी। शादी के अरमान अधूरे रह गए।  सिर्फ एक शोहदे के वजह से पूरे परिवार मातम की खुशियां छिन गई। शालिनी के दो भाई और एक छोटी बहन है। दादी रामसखी और मां संध्या रोती बिलखती रहीं। पिता को भी बेटी पर बड़ा नाज था।  
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