कानपुर देहात के रसूलाबाद में तीन दिन पहले लापता छात्रा का शव गुरुवार देर रात गांव के बाहर एक नाले में पड़ा मिला। परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने गांव के एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। छात्रा के पिता की तहरीर पर युवक, उसके पिता और चाचा के खिलाफ अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
थाना क्षेत्र के एक गांव की कक्षा एक की छात्रा (7 वर्ष) 29 फरवरी को स्कूल से लौटकर शौच के लिए खेतों पर गई थी। इसके बाद से वह लापता थी। खोजबीन के बाद भी बच्ची का सुराग न लगने पर परिजनों ने थाने में शिकायत दी। परिजन उसके साथ अनहोनी की आशंका जता रहे थे। छानबीन के दौरान शक होने पर पुलिस ने गांव के दिव्यांग युवक मलखान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसकी हत्या कर शव नाले में फेंकने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने पानी से भरे नाले में छात्रा का शव बरामद किया। बेटी का शव मिलते ही पिता सहित पूरा परिवार दहाड़े मारकर रोने लगा।
सूचना पर एएसपी अनूप कुमार ने गांव जाकर परिजनों व ग्रामीणों से जानकारी ली। पिता की तहरीर पर पुलिस ने मलखान उसके पिता बालक राम, चाचा विश्वनाथ, सोबरन के खिलाफ हत्या व अपहरण का मुकदमा दर्ज किया है। छात्रा की हत्या में मलखान का नाम सामने आने पर आक्रोशित ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रालियों से थाने पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि वह पहले भी दो बच्चियों के साथ छेड़छाड़ कर चुका है, तब कुछ लोगों ने दबाव डालकर समझौता करा दिया था। रसूलाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक ललित कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार आरोपी मलखान ने दुष्कर्म के बाद हत्या करना कबूल किया है। परिजनों ने भी दुष्कर्म की आशंका जताई है। डीएम ने पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया है। थाना प्रभारी ने बताया कि रात में छात्रा के शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि होने पर दुष्कर्म की धारा मुकदमे में बढ़ा दी जाएगी। लापता बच्ची के पिता और बाबा का घर अलग अलग है। दोनों के बीच करीब 100 मीटर का अंतर है। मां ने बताया कि बच्ची के लापता होने के बाद उन्हें लगा कि बच्ची बाबा के घर होगी। देर शाम तक घर न लौटने पर बाबा के घर पता किया, वहां न होने पर उसकी तलाश शुरू की थी।
बच्ची के लापता होने के बाद ग्रामीणों का शक पहले ही मलखान पर था। किंतु उसका बड़ा और झगड़ालू परिवार होने के कारण किसी ने कहने की हिम्मत नहीं जुटाई। पुलिस के गांव आने पर मलखान तुरंत साथ हो जाता और छात्रा को ढूंढने में मदद करने का नाटक करने लगता। पुलिस ने ग्रामीणों से जानकारी लेकर मलखान को उठा लिया।