शिवराजपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से एक माह पूर्व अगवा हुई छात्रा को नर्वल के पाली गांव में बंधक बनाकर दु़ष्कर्म किया गया। 23 सितंबर की रात को पुलिस ने परिजनों की सूचना पर किशोरी को मुक्त करा लिया।
पीड़ित लड़की ने पुलिस और गांव वालों के सामने फफक कर आपबीती सुनाई। घटना की सच्चाई से वाकिफ होने के बाद भी शिवराजपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
इस पर सवाल उठे तो एसओ ने शर्मनाक बयान दिया कि दोनों पक्षों में समझौते की बात चल रही है। बात नहीं बनी तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इस घटना का एक और शर्मनाक पहलू ये है कि जिस दिन छात्रा गायब हुई थी, उस दिन भी उसके अगवा होने की रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज नहीं की थी।
उसी पुलिस ने एक महीने बाद लड़की को मुक्त कराया तो अब समझौता होने का इंतजार कर रही है। किशोरी के मुक्त होने के 24 घंटे बाद तक उसका मेडिकल चेकअप नहीं कराया गया।
किशोरी के माता पिता ने बताया कि पुलिस उन पर समझौता करने का दबाव बना रही है। मुश्ता स्थित एक प्रतिष्ठित इंटर कालेज में पढ़ने वाली कक्षा नौ की छात्रा ने बताया कि 21 अगस्त की दोपहर को कार सवार युवकों ने उसे अगवा कर लिया था। रोहित नाम का शख्स उसके साथ अक्सर बलात्कार करता था।
विरोध करने पर पीटा जाता था। उधर, परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले नर्वल के कुछ लोगों ने पाली गांव में किशोरी के एक घर में होने की सूचना दी। पुलिस को लेकर पहुंचे तो बुधवार की रात उसे बरामद कर लिया गया।
प्रभारी थानाध्यक्ष रामफल का कहना है कि दोनों पक्षों से समझौते की स्थिति है। यदि समझौता नहीं होता है तो रिपोर्ट दर्जकर कार्रवाई की जाएगी।