पुलिस ने शनिवार सुबह वीरेंद्र देव दीक्षित के फर्रुखाबाद सिकत्तरबाग व कंपिल स्थित आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालयों में करीब दो घंटे तक सर्च अभियान चलाया। आश्रमों में घुसने को लेकर पुलिस की संवासिनियों से नोकझोंक भी हुई। सिकत्तरबाग आश्रम में तो पुलिस पीछे का गेट तोड़कर अंदर पहुंच सकी। यहां आठ संवासिनियां मिलीं। इनमें तीन को पूछताछ के लिए महिला थाना ले जाया गया। यहां कोई पुरुष नहीं मिला। कंपिल में 33 संवासिनियां व 14 पुरुष मिले। इनमें 28 संवासिनियों को मेडिकल के लिए भेजा गया है।
1998 में चर्चा में आया था 'बाबा' वीरेंद्र देव दीक्षित का आश्रम
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सिकत्तरबाग स्थित आश्रम गेट पर तैनात पुलिस कर्मी।
यहां की संवासिनियों में पांच स्थानीय व अन्य गैर प्रांतों की हैं। पुलिस ने दोनों आश्रमों में सभी के बयान दर्ज किए हैं, पर इनके बयानों का खुलासा नहीं किया है। एएसपी त्रिभुवन सिंह ने बताया कि आश्रम में नाबालिग लड़कियों को बंधक बनाने की सूचना मिली थी। इस कारण छापेमारी की गई। पूरी जांच पड़ताल के बाद मामला साफ होगा। मेडिकल जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शहर में एएसपी व कंपिल में सीओ कायमगंज नरेश कुमार के नेतृत्व में सर्च आपरेशन चला।
एक और ‘आसाराम’ के आश्रम पर छापा
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सिकत्तरबाग आश्रम की संवासनी देती जानकारी
फर्रुखाबाद शहर कोतवाली के मोहल्ला सिकत्तरबाग में बाबा वीरेंद्र देव के आश्रम में सुबह अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह ने सीओ सिटी शरद शर्मा, शहर कोतवाल संजीव राठौर, फतेहगढ़ कोतवाल दधिबल तिवारी, मऊदरवाजा थानाध्यक्ष भुवनेश कुमार, अमृतपुर एसओ नरेंद्र गौतम, महिला एसओ और पुलिस बल के साथ दबिश दी। संवासिनियों ने गेट नहीं खोला तो पुलिस ने पास के मकान की छत से आश्रम में घुसने का प्रयास किया। लोहे के जाल लगे होने से पुलिसकर्मी अंदर नहीं जा सके। इस पर पीछे के गेट को तोड़कर पुलिस अंदर घुसी और मुख्य गेट की कुंडी खोली। पुलिस आश्रम में पहुंची तो सुरक्षा में लगीं संवासिनियों से नोकझोंक होने लगी। एएसपी के सख्त रुख के बाद संवासिनियां पीछे हट गईं।
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सिकत्तर बाग आश्रम से संवासनियों को ले जाती पुलिस
पुलिस ने आश्रम में चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। तीन मंजिला आश्रम में कई तहखाने मिले। छत पर 15-20 एक्स-रे फिल्म पड़ीं थीं। मौके पर आठ संवासिनियां मिलीं। इसमें कुशीनगर पूना निवासी संवासिनी व दो अन्य संवासिनियों को पुलिस महिला थाने ले गई।
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आश्रम में अंदर बैठी संवासनियां।
कंपिल के मोहल्ला चौधरियान स्थित आश्रम में सीओ नरेश कुमार ने नवाबगंज, शमसाबाद, कंपिल, मोहम्मदाबाद और कायमगंज पुलिस के साथ दबिश दी। यहां भी देर तक हुज्जत के बाद आश्रम का दरवाजा खुला। तलाशी के दौरान एसडीएम कायमगंज वृजकिशोर दुबे भी आ गए। उन्होंने बताया कि यहां मिले 33 संवासिनियों और 14 पुरुषों के बयान दर्ज किए गए हैं। इससे पहले शुक्रवार को वीरेंद्र देव के बांदा स्थित आश्रम में भी पुलिस ने छापा मारा था।
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तहखाने को खोलने का प्रयास करते पुलिस कर्मी
वीरेंद्र देव व अनुयायियों पर रिपोर्ट
फर्रुखाबाद शहर कोतवाली व कंपिल में शनिवार देर शाम वीरेंद्र देव व उसके अनुयायियों के खिलाफ युवतियों को बंधक बनाने व यातनाएं देने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आश्रम में आए दिन युवतियों की चीख-पुकार सुनाई पड़ती हैं। यहां गैरकानूनी गतिविधियां चलती हैं। शहर कोतवाली में सिकत्तरबाग निवासी सुमन लता वर्मा ने वीरेंद्र देव व गोरखपुर निवासी सुनील कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सिकत्तरबाग स्थित आश्रम में गेट खुलवाने को लेकर पुलिस से संवासनियों की होती नोकझोंक
कंपिल में मोहल्ला चौधरियान निवासी तेज सिंह यादव ने वीरेंद्र देव दीक्षित, इसी मोहल्ले के जयराम, अंबेडकर नगर के सियाराम, थाना क्षेत्र के दुधेमई निवासी राजबहादुर, शमसाबाद के चौखंडा निवासी श्यामू, एटा के नया गांव थाने के गांव नगलामई निवासी यादराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।