चित्रकूट के रामनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक गर्भवती महिला दर्द से तड़प रही थी। उसकी चीखें पूरे अस्पताल में गूंज रहीं थी पर डाॅक्टराें के कांनाें में इसके बाद भी जूं तक नहीं रेंगा। प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ने का इंतजार हाेता रहा अाैर फिर उसने दम ताेड़ दिया।
रैपुरा थाना क्षेत्र के खोर गांव निवासी हुबलाल ने बताया कि उसकी बहू रानी देवी (25) पत्नी लवकुमार कोल को गुरुवार रात को प्रसव पीड़ा हुई। आशा गनेशिया व सास चांदनी उसे लेकर रामनगर पीएचसी पहुंचीं। आरोप है कि दर्द से कराह रही महिला का स्टाफ ने सही से इलाज नहीं किया। रात को जब दर्द बढ़ा तो नर्स ने प्रसव कराया। इसके बाद रानी ने बच्ची को जन्म दिया।
परिजनों ने बताया कि प्रसव के कुछ देर बाद रानी की हालत बिगड़ने लगी। सूचना देने के बाद भी डाक्टर और स्टाफ नहीं पहुंचा। आधे घंटे बाद नर्स व अन्य कुछ कर्मचारी पहुंचे और जांच के बाद बताया कि रानी की मौत हो चुकी है। इतना सुनते ही परिजनों में आक्रोश बढ़ गया। शव को अस्पताल गेट पर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने डाक्टर और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगा गिरफ्तारी की मांग की।
जानकारी पर मऊ एसडीएम राममूूर्ति त्रिपाठी व सीएमओ डा. रामजी पांडेय मौके पर पहुंचे और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसओ संतशरण ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। महिला का पति गुजरात के राजकोट में एक नमकीन फैक्ट्री में काम करता है। रानी की शादी छह साल पहले हुई थी। उसके एक पुत्र प्रांशू है। उधर, सीएमओ डॉक्टर रामजी पांडेय ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम बनाई गई है। प्रथम दृष्टया जानकारी के अनुसार डाक्टर प्रबल प्रताप सिंह व नर्स अनुराधा ड्यूटी पर थीं और दोनों से पूछताछ होगी।