एसआई और सिपाही ने खुद को कानून के हवाले नहीं किया तो दोनों पर इनाम घोषित होगा
डेढ़ साल पहले पनकी आरपीएफ चौकी से एक युवक लखन के लापता होने के मामले में आरोपी आरपीएफ के एसआई और तीन सिपाहियों पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। जेल में बंद दो सिपाहियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल हो गया है। वहीं, फरार एक सिपाही के घर की कुर्की हो गई है। फरार एसआई के घर की भी कुर्की की तैयारी है। अफसरों का कहना है कि एसआई और सिपाही ने खुद को कानून के हवाले नहीं किया तो दोनों पर इनाम घोषित होगा। मामला कानपुर का है।
भौतींखेड़ा के लखन और समीर को तत्कालीन आरपीएफ चौकी प्रभारी विधु त्यागी ने आठ अगस्त 2015 को लोहा चोरी के आरोप में उठाया था। आरोप है कि समीर को रुपये लेकर पुलिसकर्मियों ने छोड़ दिया था लेकिन लखन का आज तक कोई सुराग नहीं लगा। परिजनों के अनुसार चौकी में पिटाई से लखन की मौत हो गई थी तो पुलिस वालों ने उसका शव गायब कर दिया। इस मामले में सचेंडी थाने में चौकी प्रभारी विधु त्यागी, सिपाही राजीव पाठक, रफीक और विनोद के खिलाफ अपहरण और हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। गिरफ्तारी और सरेंडर न होने पर सबके खिलाफ गैर जमानती वारंट और कोर्ट से कुर्की का नोटिस जारी हुआ था। फिर सिपाही रफीक और राजीव पाठक ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। तब से दोनों जेल में हैं, जबकि चौकी प्रभारी और सिपाही विनोद फरार हैं। सीओ सदर ब्रहम सिंह ने बताया कि जेल में बंद आरपीएफ सिपाहियों ने जुर्म कबूल कर लिया है। दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। सिपाही विनोद के मेजा इलाहाबाद स्थित घर पर कुर्की की कार्रवाई हो गई है। जल्द ही चौकी प्रभारी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।