यूपी में उरई (जालौन) जिले के अमखेड़ा गांव में मंदिर से अष्टधातु की मूर्ति चोरी करने वाले सात चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पकड़ा गया गया आरोपी रामकेश पटेल इस वारदात का मुख्य आरोपी है। वह पहले भी मूर्ति चोरी के मामले में जेल जा चुका है। इससे पहले उसने झांसी जनपद के पूंछ में एक मंदिर से मूर्ति चोरी को अंजाम दिया था। रामकेश ने ही रफत खांन को अष्टधातु से निर्मित मूर्तियों की चोरी से होने वाली आमदनी के बारे में बताया, जिससे लालच में आकर रफत ने अपने साथियों जमील, शकील, मुस्तकीम व रामशरण को जोड़ा और इन्हीं चारों से चोरी को अंजाम दिलवाया था।
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जालौन पुलिस ने बेशकीमती मूर्ति चोरी कांड का खुलासा किया
क्वालिटी पहचान के लिए खंडित की गई मूर्तिं
मूर्तियां चोरी करने के बाद बेचने से पहले मूर्ति की क्वालिटी चेक करने की बात सामने आई। इस पर मुख्य आरोपी रामकेश पटेल ने अपने परिचित शमी उर्फ गुड्डे से संपर्क किया। इसके बाद दोनों ने गैस कटर से श्रीराम की मूर्ति की हाथ की उंगलियां काटी और उनकी जांच के लिए कानपुर ले गए। धातु की जांच कराने की जिम्मेदारी नासिर को सौंपी गई। नासिर धातु का टुकड़ा लेकर कानपुर स्थित जाजमऊ जांच के लिए गया था।
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जालौन पुलिस ने बेशकीमती मूर्ति चोरी कांड का खुलासा किया
25 हजार में गिरवी रखी मूर्ति
मूर्ति को खंडित करने बाद इन चोरों को जब कुछ कैश की जरूरत हुई थी, तो उन्होंने दीपक के पास 25 हजार रुपये में भगवान श्रीराम की मूर्ति को गिरवी रख दिया। पुलिस ने दीपक के पास भगवान राम की मूर्ति बरामद की है।
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अर्न्तराष्ट्रीय बाजार में निकली करोड़ों रुपये कीमत
मंदिर से मूर्ति चोरी करने के बाद जब बारी बेचने की आई तो आरोपियों ने इसकी क्वालिटी पहचान कराना जरूरी समझा। इसके लिए एक मूर्ति की उंगलियां काट कर पहचान के लिए भेजी गई। पहचान होने के बाद इन मूर्तियों की कीमत जो आंकी गई उसे सुनकर आरोपियों के होश उड़ गए और साथ ही उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। इस मूर्तियों की कीमत अर्न्तराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये आंकी गई थी। कीमत लगते ही उन्हें एक ग्राहक भी मिल गया, जिसे मूर्तियां बेचने के लिए सभी इकठ्ठे हुए थे।
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चोरों ने पुलिस को खूब छकाया
पकड़े गए चोरों में कुछ जिले से बाहर के भी है, जिनकों पकड़ने में पुलिस के पसीने छूट गए। इसमें एक है शमी जो कि कानपुर देहात के संदलपुर का रहने वाला है, लेकिन इसका वर्तमान आवास कानपुर के नौबस्ता स्थित मछरिया में है। इसकी तलाश में न सिर्फ जालौन पुलिस बल्कि कानपुर नगर पुलिस भी काफी दिन खाक छानती रही। इसके अलावा नासिर भी कानपुर नगर के रावतपुर इलाके का रहने वाला है। कानपुर पुलिस ने इसके परिजनों को भी पूछताछ के लिए कई बार उठाया, लेकिन परिजनों से कोई संपर्क न रखने की वजह से इसका पता नहीं चला। आखिरकार कई जोरआजमाइश के बाद पकड़े तो सभी एक साथ।
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सर्विलांस के जरिए हत्थे चढ़ा गिरोह
रामकेश का आपराधिक इतिहास मिलने के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल को सर्विलांस में लगाया। तब जाकर पूरा गैंग पुलिस के हत्थे चढ़ा। सर्विलांस सेल प्रभारी मतीन खान ने बताया कि सबसे पहले रफत का नंबर रामकेश के मोबाइल पर आया था।
पकड़ने वाली टीम को दिया गया 20 हजार का इनाम
एसपी ने मूर्ति बरामद करने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की है। टीम में जालौन इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा, स्वाट टीम प्रभारी लखन सिंह, सर्विलांस सेल प्रभारी मो. मतीन खांन, एसआई केशव दयाल, सर्विलांस सेल की टीम में शोएब आलम, गौरव बाजपेयी, जगदीश चंद्र, स्वाटी टीम के शैलेंद्र चौबे, शैलेंद्र चौहान, रवि भदौरिया, नीतू सिंह, कर्मवीर सिंह, प्रदीप कुमार, जालौन कोतवाली के सिपाही मोहित चौधरी, भूपेश कुमार, विष्णु कुमार, उमेश यादव, विपिन कुमार, लवकुश कुमार, विनोद कुमार पटेल आदि शामिल रहे।