यूपी के कन्नाैज जिले में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने अाया है। यहां दबिश देने गया गया दराेगा वर्दी के नशे में एेसा चूर हाे गया कि युवक काे हवा में उठाकर एेसा जमीन पर पटका कि उसकी एक ही बार में जान निकल गई।
मामला सौरिख थाना क्षेत्र के ग्राम नगला भारा का है। यहां अवैध शराब की सूचना पर सौरिख थाने में तैनात उपनिरीक्षक विजयपाल सिंह एक कांस्टेबिल के साथ गांव में दबिश देने गए। ग्रामीणों के मुताबिक पुलिस ने गांव के ओमप्रकाश (42) पुत्र नत्थूलाल के यहां दबिश दी। काफी देर तक छापामार कार्रवाई चलती रही, लेकिन मौके पर कच्ची शराब नहीं मिली। दारोगा ने ओमप्रकाश को थाने चलने के लिए कहा, तो उसने मना कर दिया।
बाैखलाये दारोगा ने उसे उठाकर जमीन पर पटक दिया। ओमप्रकाश के भाई संजू का आरोप है कि दारोगा ने उसके भाई को दो-तीन बार उठाकर पटका, जिससे उसके प्राण पखेरू उड़ गए। उसने तत्काल घटना की सूचना 100 नंबर पर दी, जिस पर डायल 100 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मामला विभाग से जुड़ा होने के कारण वह भी वापस चली आई। संजू ने बताया कि ओमप्रकाश पिछले दो माह से बीमार चल रहे थे। उन्हें बुखार आ रहा था और एक साल पहले उनका हार्निया का आपरेशन भी हुआ था।
जैसे ही दारोगा ने उन्हें पटका, तो तत्काल उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद दारोगा और कांस्टेबिल थाने चले आए। परिजनों ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी, जिस पर थानाध्यक्ष आरपी पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को काफी समझाया, लेकिन मृतक की पत्नी गुड्डी देवी, पुत्र सोनू दारोगा पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े हुए थे। परिजनों ने बताया कि यदि आरोपी दारोगा पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह थाने में शव रखकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि दारोगा विजयपाल सिंह आयेदिन अवैध शराब की सूचना का बहाना बनाकर ग्रामीणों को उत्पीडन कर जबरन वसूली करता है। थानाध्यक्ष का कहना है कि युवक की मौत बीमारी के चलते हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। उससे मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस अधीक्षक हरीश चंदर ने बताया कि मृतक के शरीर पर कोई जाहिरा चोट नहीं है और गांव में भी कोई आरोप नहीं लगा रहा है।