फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनुभव मित्तल की बीवी आयुषी के घर मिली डायरी कर सकती है कई खुलासे

Tue, 07 Feb 2017 12:45 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
आयुषी के घर से मिली डायर की जांच की जा रही
विज्ञापन
3700 करोड़ की ऑनलाइन ठगी की आरोपी एब्लेज इंफो की डायरेक्टर आयुषी अग्रवाल के घर से एसटीएफ और ईडी को एक ऐसी डायरी मिली है जिसमें कई राज छुपे हैं। डायरी में कुछ लोगों के नाम कोड वर्ड में लिखे गए हैं। इसकी जांच की जा रही है। 
विज्ञापन

ईडी की चार सदस्यीय टीम रविवार दोपहर बाद करीब ढाई बजे एसटीएफ के साथ आयुषी के कानपुर हरजेंदर नगर-2 बाबूलाल हाता, शिवकटरा रोड स्थित घर पहुंची। घर के दरवाजे पर ताला लटका था। परिवार को कोई सदस्य मौजूद नहीं था। एसटीएफ और ईडी टीम ने घर का ताला तोड़ा और तलाशी ली। कागजात और फोटोग्राफ समेत तमाम साक्ष्य जुटाए। किराएदारों से आयुषी के परिवार और करीबी लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। यह भी जाना कि आयुषी कितने दिन पहले यहां आई थी। माता-पिता कब घर बंद करके गए। माना जा रहा है कि आयुषी ने किसी परिचित या रिश्तेदार के घर में शरण ले रखी है। सूत्रों की मानें तो टीम ने आयुषी की मां मीना की वह फोटो भी कब्जे में ली है जिसमें एलआईसी अफसर सम्मानित कर रहे हैं। फोटो के जरिए टीम रमेश अग्रवाल नाम के शख्स को पहचानना चाहती है। मामले में रमेश अग्रवाल की भी तलाश है। ईडी के सहायक निदेशक सुशील कुमार ने आयुषी की मां का घर सीज करने के बाद चकेरी पुलिस को इसकी सूचना दी। 
 
एलआईसी एजेंट हैं मीना 
आयुषी की मां मीना अग्रवाल एलआईसी की एजेंट है। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने मीना के कमरे को साक्ष्य होने के अंदेशे पर सील किया। टीम के एक अधिकारी ने बताया कि हम ठगी से संबंधित साक्ष्य जुटाने के लिए आए हैं, कुछ प्रपत्र, फोटो आदि मिले हैं। कई बिंदुओं पर जांच चल रही है।
विज्ञापन


बाइक से पहुंची टीम, लोकल पुलिस को भनक तक नहीं
किसी को शक न हो, इसलिए प्रवर्तन निदेशालय की टीमें बाइकों से पहुंची। यहां तक कि लोकल पुलिस को भी इसकी सूचना नहीं दी गई। कई घंटों की कार्रवाई के दौरान लोकल पुलिस को भनक तक नहीं लगी। शाम तक छानबीन चलती रही। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें