फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएमओ के स्टिंग कैमरे में कैद कानपुर 6 बैंक

Wed, 14 Dec 2016 12:53 AM IST
प्रदीप अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
चार सरकारी, दो प्राइवेट बैंकों की हुई खुफिया जांच
विज्ञापन
कमीशन लेकर कालेधन को सफेद बनाने के खेल में शामिल बैंकों के स्टिंग में शहर के भी छह बैंक कैमरे में कैद किए गए हैं। इनमें चार सरकारी व दो प्राइवेट बैंक हैं। एक प्राइवेट और एक सरकारी बैंक के अधिकारी संदेह के दायरे में हैं। पीएमओ ने स्टिंग के ये वीडियो वित्त मंत्रालय को भेज दिए हैं। साथ ही संबंधित बैंकों के सीईओ और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को इससे अवगत करा दिया गया है। 
विज्ञापन

अमर उजाला ने करीब 25 दिन पहले चेताया था कि शहर की बैंकों में सीबीआई से लेकर प्राइवेट जासूसों तक की निगाह लगी है। माना जा रहा है कि पीएमओ की ओर से करवाए गए स्टिंग को प्राइवेट जासूसों और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने अंजाम दिया। इसके अलावा सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो को भी जांच के दायरे में लाया गया। बैंकों के सूत्र बताते हैं कि बीते शुक्रवार को पनकी के एक सरकारी बैंक के ब्रांच मैनेजर से किसी जांच एजेंसी ने पूछताछ की थी। इसी तरह रिजर्व बैंक के पास स्थित एक बैंक की शाखा में अधिकारियों से पूछताछ हुई थी। हालांकि अफसरों ने इसकी पुष्टि नहीं की इससे इनके नाम नहीं खोले जा रहे हैं पर सूत्र बताते हैं कि इन बैंकों में कालेधन को सफेद करने का खेल बड़े पैमाने पर हुआ। 
आरबीआई अफसरों के खातों वाला बैंक भी निशाने पर 
सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग की नजर शहर के उस बैंक पर भी टिकी है, जिसमें रिजर्व बैंक के अफसरों के सबसे ज्यादा खाते हैं। यह बैंक भी रिजर्व बैंक के आसपास ही स्थित है। एक जांच एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि कालाधन को सफेद बनाने में इस बैंक का नाम भी खुलकर सामने आया है। एजेंसियां बैंकों के इस खेल को समझने का प्रयास कर रही हैं। साथ ही इस तलाश में भी हैं कि इनके मददगार कौन कौन हैं? 
विज्ञापन

आरबीआई अफसर भी जांच से बाहर नहीं 
जांच एजेंसियां कालेधन को सफेद बनाने के खेल में रिजर्व बैंक के अफसरों की भी भूमिका तलाश रही हैं। बताते हैं कि कुछ आरबीआई अफसरों पर भी संदेह जताया गया है। हालांकि सभी जांच एजेंसियों को रिजर्व बैंक में सीधे तौर पर जांच का अधिकार नहीं है। इसी वजह से खुफिया रिपोर्ट जुटाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें