कोर्ट से जमानत निरस्त करने की संस्तुति
बाराबंकी की जेल में एक कैदी ने फर्जी जमानतगीर के सहारे आजाद होने की कोशिश की। जमानत में लगे कागजों के सत्यापन के दौरान कानपुर के तहसीलदार अनिल कुमार ने फर्जीवाड़ा पकड़ लिया और बुधवार को कोर्ट से जमानत निरस्त करने की संस्तुति की।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट 19 बाराबंकी की कोर्ट में लूट और माल बरामदगी का मुकदमा राज्य सरकार बनाम धर्मेंद्र कुमार गौतम विचाराधीन है। इस मुकदमे में मियागंज आसीवन उन्नाव निवासी मो. खालिद भी अभियुक्त है। कोर्ट से उसकी जमानत मंजूर हो चुकी है। उसकी जमानत सिंहपुर बिठूर निवासी विद्या भूषण के बेटे विनय कुमार ने अपनी खतौनी से ली है।
बाराबंकी कोर्ट ने जमानतगीर के सत्यापन के लिए यहां तहसीलदार को कागजात भेजे। लेखपाल रवी त्रिपाठी ने रिपोर्ट लगाई कि सिंहपुर नाम का गांव कानपुर सदर तहसील में है ही नहीं, सिंहपुर कछार और सिंहपुर कठार गांव जरूर हैं। खतौनी भी फर्जी है। सिंहपुर कछार और सिंहपुर कठार में भी विनय कुमार नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला।
फर्जी जमानतगीरों के सहारे फरार
- एफटीसी 5 की कोर्ट में खुलासा हुआ था कि फर्जी जमानतगीरों के कारण एनडीपीएस के पांच अभियुक्त जेल से फरार हो गए थे।
- गोविंद नगर पुलिस ने अपराधी नीतू नाई को पकड़ा तो खुलासा हुआ कि वह पहले फर्जी नाम से जेल गया और फर्जी जमानतगीरों के सहारे जेल से बाहर आ गया।
- थाना चकेरी पुलिस द्वारा नकली नोटों समेत गिरफ्तार प्रमोद मिश्रा फर्जी जमानतगीरों के सहारे जेल से छूटकर फरार हो गया था।