जिला जज अरुण कुमार गुप्ता की कोर्ट ने शनिवार को ज्योति मर्डर केस में अभियुक्त पीयूष श्यामदासानी और मनीषा मखीजा की तरफ से केस से संबंधित कागजों की नकल मांगने के लिए डाली गई रिवीजन अर्जी खारिज कर दी है। उधर, अभियोजन की आेर से पीयूष की मां, पिता, दो चचेरे भाइयों के खिलाफ अर्जी डाली गई है।
इसमें कहा गया है कि इन चारों को भी हत्या का आरोपी बनाया जाना चाहिए था। पुलिस ने इनके खिलाफ ‘जानकारी होते हुए अपराध की सूचना न देने’ की चार्जशीट लगाई है। अगली सुनवाई एक मई को होगी।
ज्योति मर्डर केस में अभियुक्त ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी, मनीषा मखीजा, अवधेश, सोनू, रेनू और आशीष को कड़ी सुरक्षा में जेल से कोर्ट लाया गया। शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र पाल सिंह और ज्योति के पिता शंकर नामदेव के अधिवक्ता दामोदर मिश्र ने बताया कि जिला जज कोर्ट ने पीयूष और मनीषा की रिवीजन अर्जी खारिज कर दी है।
इस अर्जी में धारा 207 के तहत कमिट होने वाले सभी प्रपत्र न मिलने की बात कही गई थी। कहा गया था कि केस से संबंधित सभी कागजात नहीं मिले हैं। इसलिए चार्ज तय न किया जाए। जिला जज कोर्ट ने निचली कोर्ट की तरह इस अर्जी को खारिज कर दिया।
दूसरी ओर शासकीय अधिवक्ता धमेंद्र पाल सिंह और अधिवक्ता दामोदर मिश्र की तरफ से संयुक्त रूप से कोर्ट में अर्जी दी गई। इसमें कहा गया है कि पीयूष श्यामदासानी के पिता ओम प्रकाश, मां पूनम, चचेरे भाई मुकेश और कमलेश को हत्या, हत्या की साजिश करने और साक्ष्य छिपाने का आरोपी बनाया जाना चाहिए था।
पुलिस ने इन चारों को सिर्फ धारा 202 (अपराध जानते हुए छिपाने) का आरोपी बनाया है। इन सभी हत्या की साजिश में शामिल थे। इस अर्जी की कॉपी पीयूष के अधिवक्ता सईद नकवी को रिसीव करा दी गई है। अभियुक्तों पर चार्ज तय करने और इस अर्जी पर बहस के लिए कोर्ट ने एक मई की तारीख लगाई है।