दिल्ली-हावड़ा रूट पर मैथा स्टेशन के पास शनिवार शाम महानंदा एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई। पटरी पर लोहे का टुकड़ा पड़े होने से ट्रेन लहराने लगी। इस पर ड्राइवर ने ट्रेन रोक दी। बाद में रेलवे की टेक्निकल टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। फिर ट्रेन को रवाना किया गया। ट्रेन पलटाने की साजिश कानपुर में बैठकर कौन रच रहा है ये सवाल सबको परेशान किए हुए है।
मैथा स्टेशन के पास लोहे का टुकड़ा पटरी पर जानबूझ कर रखा गया या किसी ट्रेन से टूटकर गिरा, इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। मैथा से आगे रूरा रेलवे स्टेशन पर 28 दिसंबर को अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस पलट चुकी है। दिल्ली से अलीपुरद्वार जा रही सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस रूरा से शाम 4:00 बजे चली। करीब 4:30 बजे मैथा के पास पहुंची। इसी दौरान ट्रेन अचानक डगमगाने लगी। ड्राइवर ने ट्रेन रोक दी। गार्ड और ड्राइवर ने रेलवे कंट्रोल को सूचना दी। थोड़ी देर बाद रेलवे कर्मी वहां पहुंची। चेकिंग के दौरान पता चला कि ट्रैक पर लोहे का बड़ा टुकड़ा रखा था जिस पर पहिए चढ़ने से ट्रेन डगमगाने लगी थी। इसके बाद कर्मचारियों ने पूरी ट्रेन की गहनता से जांच की। इंजन और बोगी फिट पाने पर ट्रेन को शाम 4:54 बजे वहां से रवाना किया गया। इस दौरान कुछ ट्रेनों को पीछे के स्टेशनों पर रोके रखा गया।
रेल अफसरों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ट्रैक पर लोहे का एक टुकड़ा रखा था। किसी ने इसे जान बूझकर रखा था या मामला कुछ और है, अभी इस पर स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। जांच कराई जाएगी। दूसरी ओर मैथा से पहले भाऊपुर स्टेशन के पास शनिवार को कानपुर से आगरा जा रही आगरा इंटरसिटी से एक जानवर टकरा गया। इसके बाद ड्राइवर ने ट्रेन रोक दी। ड्राइवर की सूचना पर रेलवे की टीम मौके पर पहुंची। जानवर को ट्रैक से हटाया। तब ट्रेन आगरा के लिए रवाना हुई। इस दौरान 20 मिनट तक ट्रेन वहां खड़ी रही।