गोविंद नगर के गुजैनी में सोमवार को किरायेदारी के विवाद में एसपीओ और दुकानदार में विवाद के बाद बवाल हो गया। दुकानदार का आरोप है कि एसपीओ जबरदस्ती दुकान खाली कराना चाहते हैं और रात में उनकी दुकान में सेंध लगाकर पांच लाख का माल पार कर दिया।
शटर में अंदर-बाहर से ताला डाल दिया जबकि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। मामला गोविंद नगर थाने पहंचा। पुलिस ने आरोपों की जांच की बजाय किराएदार और मकान मालिक दोनों का शांतिभंग में चालान कर दिया।
व्यापारियों ने दुकानदार के पक्ष में रतनलाल नगर चौकी मेें हंगामा किया। एसओ गोविंद नगर पंकज अवस्थी का कहना है कि एसपीओ और किराएदार का एग्रीमेंट खत्म हो गया है।
दुकानदार कोर्ट में किराया जमा करे तो मकान मालिक का क्या लेना-देना ऐसे में एसपीओ ने जो किया वह सही है। दोनों के खिलाफ 151 की कार्रवाई की गई है।
गुजैनी ‘डी’ ब्लॉक निवासी योगेश कुमार गुप्ता एसपीओ हैं। उनके मकान में सात दुकानें हैं। जिनको खाली कराने का विवाद कोर्ट में है। एक दुकान राजीव चतुर्वेदी ने किराए पर ले रखी है।
राजीव के मुताबिक वह कोर्ट में किराया भी जमा कर रहे हैं। राजीव के मुताबिक सोमवार सुबह दुकान पहुंचे तो देखा कि योगेश ने शटर में अपने ताले डाल दिए हैं। दुकान के पिछले हिस्से की दीवार का कुछ हिस्सा टूटा मिला।
इसी रास्ते से दुकान के भीतर घुसकर पांच लाख रुपये के गारमेंट कपड़े और फर्नीचर गायब कर दिया गया। उधर योगेश गुप्ता का कहना है कि राजीव से दस साल का एग्रीमेंट हुआ था।
अब बारह साल बीतने के बाद भी राजीव दुकान खाली नहीं कर रहे हैं। आरोप गलत है। इधर, एसएसपी शलभ माथुर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अगर एसपीओ का दोष और पुलिस की लापरवाही मिली तो दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।