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कार में पैर से गला दबाकर लड़की को मार डाला फिर यमुना में फेंक दी लाश, जानिए क्या था पूरा मामला

Mon, 27 Aug 2018 09:43 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

-चकेरी पुलिस ने डीएवी छात्रनेता और उसके साथी को भेजा जेल
-छात्रनेता के साथी के घर से वारदात में प्रयुक्त कार बरामद
-2006 में अध्यक्ष पद के लिए लड़ा था चुनाव, हार गया
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विस्तार
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कानपुर के चकेरी में पिंकी गुप्ता को अगवा कर छात्रनेता रीतेंद्र उर्फ बउआ ठाकुर ने कार में ही पैर से उसका गला दबाकर मार डाला था। इसके बाद उसका शव हमीरपुर में यमुना नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने छात्रनेता और उसके दोस्त अनुज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में रीतेंद्र ने बताया कि हत्या करने के बाद उसने पिंकी की मां की तरफ से उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। फिर कॉपी लेकर उसे कोर्ट में लगाकर अपने खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ का मुकदमा खत्म करा दिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त अर्टिगा कार बरामद कर ली है। सोमवार को दोपहर बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। थाने में छात्र नेता के समर्थक उसकी पैरवी करने के लिए जुटे रहे। 
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थाना प्रभारी अजय सेठ के मुताबिक, नेताजी नगर निवासी किशन गुप्ता इलाके में अंडे का ठेला लगाते हैं। उनकी बेटी पिंकी गुप्ता उर्फ आंचल (17) ने 19 जून 2016 को बाबूपुरवा थाने में गांधी ग्राम चकेरी निवासी डीएवी कॉलेज के छात्रनेता रीतेंद्र उर्फ बउआ ठाकुर और अपने चचेरे भाई दिलीप गुप्ता के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में उम्र का पता लगाने के लिए पिंकी का मेडिकल होना था। इसके लिए बाबूपुरवा पुलिस ने 27 सितंबर 2016 को उसे थाने बुलाया था। 27 को वह थाने जाने के लिए घर से निकली थी। इसका पता चलने पर बउआ ने दोस्त रोहित की मदद से पिंकी को बातचीत के लिए कचहरी बुलाया। केडीए कॉलोनी, श्याम नगर निवासी ट्रैवल एजेंसी संचालक दोस्त अनुज सिंह की स्कॉर्पियो लेकर बउआ भी वहां पहुंच गया। दोनों ने कचहरी के पास से पिंकी को गाड़ी में बैठाया और छप्पन भोग चौराहा, श्याम नगर ले गए। बउआ ने पिंकी पर समझौते का दबाव बनाया मगर वह इंकार कर रही थी। इस पर बउआ और उसके दोस्त अनुज ने पिंकी की हत्या करने की साजिश रच डाली। 
अनुज ने दोस्त गोलू को अर्टिगा कार लेकर वहां बुलाया। इसके बाद उसने स्कॉर्पियो अनुज को दी और खुद बउआ व पिंकी को लेकर काली फिल्म चढ़ी अर्टिगा में बैठ गया। कार अनुज चला रहा था जबकि बउआ और पिंकी पीछे की सीट पर बैठे थे। रात करीब आठ बजे पिंकी और बउआ में समझौते को लेकर झगड़ा हो गया। इस पर बउआ ने पिंकी को पीटा और कार में ही गिरा दिया। उसका गला पैर से दबा दिया। पिंकी की सांसे थमने के बाद दोनों हमीरपुर गए। वहां पुल से शव यमुना नदी में फेंक दिया। फिर दोनों घर लौट आए और तब से फरार थे। सोमवार को चकेरी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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बउआ ने बना लिया था वीडियो 

डेमो पिक
बउआ 2006 में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा था लेकिन हार गया। थाना प्रभारी के मुताबिक, बउआ शातिर दिमाग है। उसने हत्या के पहले कार में पिंकी को समझौते के लिए 10 हजार रुपये दिए और इसका वीडियो बना लिया। हत्या करने के बाद अगले दिन वह पिंकी के घर पहुंचा। उसकी मां मंजू को वीडियो दिखाकर कहा कि पिंकी से उसका समझौता हो गया है और पिंकी 10 हजार लेकर वैष्णो देवी चली गई है। जब कई दिन तक पिंकी घर नहीं लौटी तो बउआ ने मंजू की तरफ से चकेरी थाने में 12 नवंबर 2016 को उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। कुछ दिन बाद उसने थाने से गुमशुदगी की कॉपी लेकर खुद के केस में लगाकर कोर्ट से मामला रफा-दफा कर लिया। 26 नवंबर 2016 को विवेचक ने पिंकी की गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम कर दिया था।
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