रूरा थाना क्षेत्र के अंबरपुर गांव के बाहर खेत में गांव निवासी एक युवक की गर्दन कटी लाश मिली। खबर फैलते ही इलाके हड़कंप मच गया और सैकड़ों लोगों भीड़ लग गई।
फिलहाल पुलिस युवक की कॉल डिटेल रिपोर्ट की आधार जांच मामले की तह जाने की कोशिश में जुटी है। भाई धर्मेंद्र ने हत्या का शक नजदीक एक रिश्तेदार पर जताया है।
पिता लाखन सिंह ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
रूरा थाना क्षेत्र के अंबरपुर गांव निवासी लाखन सिंह पाल ने पुलिस को बताया कि उसके तीन बेटों में सबसे बड़ा पुत्र शतेंद्र पाल (30) कानपुर दादानगर की एक प्लास्टिक फैक्ट्री में नौकरी करता था और वहीं पर रहता था।
होली पर वह चार दिन पहले घर आया था। शनिवार रात नौ बजे वह पड़ोस में रहने वाले जगजीवन पाल के घर पर अखंड रामायण का पाठ शामिल होने गया था। इस दौरान में उसका मोबाइल फोन घर पर ही था।
जब थोड़ी देर बाद वह घर लौटा तो घर में छोटे भाई धर्मेंद्र ने मोबाइल पर कई कॉल आने की बात कही। जैसी ही शतेंद्र ने कॉल देखी, मोबाइल लेकर कहीं चला गया और पूरी रात घर नहीं लौटा।
रविवार सुबह ही उसकी लाश गांव के बाहर एक गेहूं के खेत में मिली। वहीं मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक वजीह अहमद एंव सीओ अकबरपुर विनीत भटनागर ने लाश को सबसे पहले देखने वाले शतेंद्र के ही साढ़ू मान सिंह उर्फ पप्पू से पूछताछ की।
बताया कि सुबह शौच को जाते वक्त रास्ते में काफी दूर तक खून पड़ा हुआ देखा, जिस पर वह निशान के सहारे खेत के नजदीक बने नाले पर पहुंचा, जहां सरसों के गड्ढों से ढका हुआ शतेंद्र का शव पड़ा हुआ था। गर्दन किसी धारदार हथियार से काटी गई थी।
गेहूं के खेतों में संघर्ष के निशानों भी मिले हैं। वहीं दोपहर बाद पहुंची डॉग स्कॉवड की टीम ने मौके पर जाकर जांच की। खोजी कुत्ता कपड़ों के आधार पर खेतों के बीच से हाता हुआ गांव के अंदर जहां जगजीवन पाल के घर अखंड रामायण हो रही थी, उसी के दरवाजे पहुंचकर रुक गया।