पथराव में घायल हो गए कई यात्री
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मुंबई से आजमगढ़ की ओर जा रही लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस में कुछ वेंडरों का यात्रियों से विवाद हो गया। चित्रकूट मनिकपुर जंक्शन के आउटर पर वेंडर ट्रेन धीमी होते ही कूदे और स्लीपर बोगी नंबर सात पर पथराव कर दिया। जिसमें आधा दर्जन यात्री चुटहिल हो गए। जंक्शन आते ही नाराज यात्रियों ने ट्रेन आगे बढ़ने से रोककर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। प्लेटफार्म पर ही घायलों का प्राथमिक इलाज कराकर आरपीएफ व जीआरपी के जवानों ने मामला खत्म कराने का प्रयास किया लेकिन यात्री नहीं माने। बाद में तीन अज्ञात वेंडरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद डेढ़ घंटे बाद ट्रेन आगे रवाना हुई।
गुरुवार की शाम लगभग साढ़े तीन बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस जैसे ही जंक्शन पर पहुंचने वाली थी। तभी स्लीपर बोगी नंबर सात पर यात्रियों से बोगी में मौजूद वेंडरों से लेनदेन को लेकर कुछ विवाद हो गया। यात्रियों ने मिलकर वेंडरों की अवैध वसूली का विरोध किया। तब तक ट्रेन की गति धीमी हो चुकी थी और तीनों वेंडर बोगी से कूद गए। इसके बाद पटरी किनारे से ही दौड़ते हुए बोगी पर पथराव कर दिया। जिसमें अब्दुल रजा सलमानी पुत्र महमूद सलमानी निवासी गिलहरी इमामगली आजमगढ़ के अलावा सुनीता चौहान पत्नी बच्चू चौहान, गुड्डू सिंह पुत्र बच्चू, रमा शंकर, संतोष कुमार, मोहम्मद इमरान को पत्थर से चोटें आईं। ट्रेेन जैसे ही जंक्शन पर रुकी तो बोगी के यात्रियों ने नीचे उतरकर हंगामा शुरू कर दिया। ट्रेन को आगे बढ़ने से भी रोक दिया। यह देखकर आरपीएफ असिसेंट कमांडेड जीएस राज, प्रभारी एपी सिंह और जीआरपी प्रभारी जेपी सिंह फोर्स के साथ यात्रियों को समझाने पहुंचे लेकिन यात्री नहंी माने। सभी यात्री आरोपियों को पकड़ने की मांग कर रहे थे।