बांदा जिले की एक महिला खाताधारक के अकाउंट साढ़े 12 लाख रुपये गायब हो जाने से जिला कोआपरेटिव बैंक में तहलका मच गया। खाता धारक और बैंक अधिकारियों को इस धोखाधड़ी की भनक ही नहीं लगी। तीन साल बाद महिला ने खाते से पैसा निकालना चाहा तो बैंक बैलेंस देख उसके होश उड़ गये। बैंक अध्यक्ष ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
शहर के कटरा मोहल्ला निवासी गीता मिश्रा का जिला सहकारी बैंक में खाता है। उनके खाते में करीब साढ़े 12 लाख रुपये जमा थे। गीता ने तीन सालों से बैंक अकाउंट से कोई भी लेन-देन नहीं किया था। तीन दिन पहले जरूरत पड़ने पर पैसा निकालने बैंक पहुंची तो खाते से पैसा नदारद थे। बैंक ने एक महीने में छह बार में अकाउंट से साढ़े 12 लाख की रकम निकाले जाने की बात कही है। भारी भरकम रकम निकले जाने की जानकारी मिलते ही गीता सन्न रह गई। उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत बैंक अध्यक्ष और प्रबंधक से की। अध्यक्ष ने तत्काल छानबीन और जांच शुरू कराई है। इसमें यह बात सामने आई कि अगस्त से अब तक की अवधि में खाते से छह बार पैसा निकाला गया है। दो हजार रुपये से लेकर छह लाख रुपये निकाले गए हैं। धोखाधड़ी करने वालों ने बहुत चालाकी के साथ काम को अंजाम दिया। शुक्रवार और शनिवार को बैंक में इसी की छानबीन चलती रही।
बैंक अध्यक्ष गौरव यादव ने साढ़े 12 लाख की रकम अकाउंट से गायब होने की पुष्टि की। बताया कि वह पूरी जांच पड़ताल करा रहे हैं। महिला का पैसा अगर खाते में था तो उस जरूर मिलेगा। जहां भी गड़बड़ी हुई होगी उसे दुरुस्त करके पैसा दिलाया जाएगा। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इसमें अगर किसी बैंककर्मी की मिलीभगत पाई गई तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। बैंक की साख पर बट्टा नहीं लगने दिया जाएगा।