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ज्योति हत्याकांड में मनीषा को मिली जमानत

Fri, 15 May 2015 02:11 AM IST
अमर उजाला कानपुर
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शहर के चर्चित हाईप्रोफाइल ज्योति हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त पीयूष श्यामदासानी की प्रेमिका मनीषा मखीजा की जमानत हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है। हमारे इलाहाबाद संवाददाता के अनुसार मनीषा के जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति करुणानंद बाजपेई ने उसे जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया है। मनीषा पर ज्योति के मर्डर में शामिल होने का आरोप है।
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जमानत प्रार्थनापत्र पर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल चतुर्वेदी और अजात शत्रु पांडेय ने सुनवाई की। बचाव पक्ष की दलील थी कि मनीषा के खिलाफ पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं है। मात्र मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर उसे अभियुक्त बना दिया गया। जबकि उसका इस मामले से कोई लेना देना है। वहीं अभियोजन का कहना था कि मनीषा और मुख्य अभियुक्त पीयूष के बीच प्रेम संबंध था, जो ज्योति की हत्या की वजह बना। उसे हत्या की साजिश रचने और दूसरी सभी बातों की जानकारी थी। अदालत ने जमानत प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया साक्ष्य के तौर पर सिर्फ मोबाइल कॉल डिटेल है, जिससे यह पता नहीं चलता है कि इस मामले में उसकी भूमिका क्या थी और उद्देश्य का भी पता नहीं चलता है। अभियुक्त जमानत पाने की हकदार है। उल्लेखनीय है चर्चित व्यवसायी पीयूष श्यामदसवानी की पत्नी ज्योति की 27 जुलाई 2014 को हत्या हो गई थी। पुलिस जांच से पता चला था कि हत्या उसके पति पीयूष ने ही करवाई। पीयूष का मनीषा से प्रेम संबंध था जो ज्योति के मर्डर की वजह बताई जाती है।


किस पर कौन सी धाराएं
पीयूष-धारा 302 (मर्डर), 120 बी (साजिश करना), 201 (साक्ष्य छिपाना) और 203 (गलत साक्ष्य देकर मुकदमा दर्ज कराना)
मनीषा-धारा 302 (मर्डर), 120 बी (साजिश करना), 201 (साक्ष्य छिपाना)
अवधेष, सोनू और मोनू-धारा 302 (मर्डर), 120 बी (साजिश करना), 201 (साक्ष्य छिपाना), 404 (मृतक के शरीर से कीमती सामान निकालना), 34(समान आशय)
आशीष-धारा 302 (मर्डर), 120 बी (साजिश करना), 201 (साक्ष्य छिपाना), 364 (अपहरण), 34 (समान आशय)


पीयूष की जमानत पर 18 को सुनवाई
25 मई को अभियुक्तों पर बन सकता है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर। ज्योति मर्डर केस में अभी सभी छह अभियुक्त जेल में हैं। ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी की जमानत पर 18 मई को सुनवाई होगी। 25 मई को सभी अभियुक्तों पर आरोप तय करने पर सुनवाई होनी है।
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27 जुलाई 2014 को पांडुनगर निवासी पीयूष श्याम दासानी की पत्नी ज्योति (27) को रविवार रात अगवा कर हत्या कर दी गई। वह पति के साथ सीएसए चौराहा स्थित रैना मार्केट के वरांडा रेस्टोरेंट से खाना खाकर रात 11:30 बजे कार से निकली थी। देर रात लगभग सवा एक बजे शव पनकी थाने की पीछे गली में कार के अंदर मिला। पीयूष ने दावा किया था कि चार बाइक पर सवार आठ युवकों ने उन्हें कार से बाहर फेंक कर पत्नी को अगवा कर लिया था। बाद में पुलिस ने ज्योति के पति समेत छह लोगों को अभियुक्त बनाया था। पीयूष के माता-पिता और दो भाइयों को भी पुलिस को अपराध की सूचना न देने का आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में 20 अक्टूबर को चार्जशीट लगाई थी।
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