विहिप नेता की भांजी और उसकी सहेली को मंगलवार दोपहर सरेराह कार में खींचने की कोशिश करने वाले शोहदे की पैरवी में पहुंचे शास्त्री नगर चौकी इंचार्ज प्रेम चंद्र सिंह को आईजी ने मुल्जिम (सहअभियुक्त) बनाने का आदेश दिया है। साथ ही चौकी इंचार्ज के हमराह अनिल त्रिपाठी को भी सस्पेंड करने का आदेश दिया है। आईजी आशुतोष पांडेय बुधवार को कल्याणपुर थाने पहुंचे और आरोपी की कार की अब तक फर्द न बनाने पर दरोगा को चेतावनी दी। इसके बाद पीड़ित छात्राओं के घर पहुंचकर उनकी शिकायतें सुनीं। पुलिस महकमे में हड़कंप तब मच गया जब आईजी खुद फोर्स लेकर तीनों आरोपियों के घर पहुंच गए और परिजनों को फटकार कर आरोपियों को पुलिस के सामने हाजिर होने का अल्टीमेटम दिया। एक आरोपी के दो भाइयों को आईजी ने हिरासत में भिजवाया। इधर, कल्याणपुर पुलिस ने आरोपी मनोज गुप्ता को जेल में दाखिल कर दिया।
बता दें कि मंगलवार को कार सवार शोहदों ने दो छात्राओं को विजय नगर से लेकर नमक फैक्ट्री चौराहे तक परेशान किया था। अश्लील कमेंट करने के साथ ही उन्हें जबरन कार में खींचने की कोशिश की थी। छात्राओं के शोर मचाने पर भीड़ ने एक शोहदे विजय नगर निवासी मनोज गुप्ता को दबोच लिया था। उसके तीन साथी भागने में सफल हो गए थे। भीड़ ने मनोज को पीटा था और उसकी लग्जरी कार तोड़ डाली थी। बाद में कल्याणपुर थाने में छात्राओं की तहरीर पर पुलिस ने छेड़छाड़ और पीछा करने की हल्की धारा लगाई थी। बुधवार को आईजी ने खुद मामला अपने हाथ में ले लिया और कल्याणपुर थाने पहुंच गए। एफआईआर देखने के बाद एसओ को फटकारते हुए कहा कि अधेड़ शोहदों के खिलाफ यह बहुत मामूली धारा है। यहां से आईजी फोर्स लेकर पीड़ित छात्रा के घर पहुंचे। छात्राओं से बात कर हैरानी जताई की शोहदेबाजी विजय नगर सब्जी मंडी से शुरू होकर ब्रह्मदेव चौराहे तक यानी करीब डे़ढ-दो किलोमीटर हुई। सड़क पर आरोपी शराब भी पी रहे थे। ऐसे में छात्राओं को तीन बार कार में खींचने की कोशिश हुई। अंत में ओवरटेक कर छात्राओं के आटो को भी रोका। क्या कहीं पुलिस नहीं थी।
आईजी ने यह दिए निर्देश:
-छात्राओं के बयान लिखित लेकर उसे पर्चे में शामिल करें। आरोपियों पर अगवा करने की कोशिश की धारा भी जोड़ें।
-जो आरोपी फरार हैं, उनके परिवार पर उन्हें शरण देने, छिपाकर रखने की धारा 212 में अलग से एफआईआर करें।
-आरोपी की कार की तहरीर के मुताबिक अलग से फर्द बनाएं, पर्चे काटें, जिससे इसे सीज कर माल मुकदमा बना सकें।
-आटो वाले की तलाश कराकर उसका 164 का बयान दर्ज करें।
इन आरोपियों के घर पहुंचे:
-आरोपी नंबर एक: श्यामू तिवारी ड्राइवर। विजय नगर लेबर कालोनी में घर। महिला, बच्चे और दो भाई सोनू-मोनू निकले। श्यामू नहीं था। सोनू-मोनू को हिरासत में ले लिया।
-आरोपी नंबर दो: रज्जन श्रीवास्तव: एक निजी कंपनी में कर्मचारी। उम्र करीब 50 साल। जिन बेटियों को छेड़छाड़, खींचने का आरोप लगा उतनी बड़ी इनकी खुद की बेटी है। आईजी ने पत्नी को बुलाया, आरोप बताया और पूछा पता है आपके पति क्या कर रहे। हाजिर होने की चेतावनी दी। साथ ही अवैध तरीेके से भवन को तोड़कर हॉस्टल का रूप देने पर नाराजगी जताई। इसकी जांच के लिए लिखापढ़ी करने और सील कराने का निर्देश दिया गया।
-आरोपी नंबर तीन: मनोज गुप्ता(पूर्व पार्षद रामजानकी गुप्ता का बेटा)। विजय नगर में इसके घर आईजी सबसे अंत में पहुंचे। मनोज की मां और पत्नी ने मनोज को बेकसूर बताया। इस पर आईजी ने कहा कि उन पीड़ित छात्राओं के पास चलिए और उनकी बात सुनने के बाद कहिएगा। इस पर वे वहां जाने को राजी नहीं हुईं।
‘इंस्पेक्टर साहब! खुद कह दो लाइन में भेज दें’
कानपुर। पूरी कवायद के बाद आईजी ने जाते समय कल्याणपुर इंस्पेक्टर को करीब बुलाया। बोले, इंस्पेक्टर साहब! एक काम कीजिए। एक जोड़ी कपड़ा (वर्दी से अलग) ले लीजिए। तुरंत एसएसपी के पास जाइए और ‘हंबल रिक्वेस्ट’ कीजिए कि सर, हम कल्याणपुर थाना नहीं चला पा रहे हैं, हमें लाइन में बुला लीजिए। इतना सुनते ही इंस्पेक्टर का चेहरा फक्क पड़ गया और आईजी कार में बैठकर चले गए।
करें भरोसा पर शिकायत
कानपुर। आईजी ने छात्राओं, महिलाओं से अपील की है कि वे कहीं भी असुरक्षित महसूस होने पर एक नंबर भरोसा की मदद लें। 05122310512 पर वॉयस काल के रूप में शोहदों, घटना की शिकायत करें। शोहदाें के जुटने की टाइमिंग और जगह बताएं। केवल शोहदों के वाहन का नंबर भी बता सकते हैं। पकड़ने की जिम्मेदारी पुलिस की होगी। इसके अलावा व्हाट्सएप नंबर 7704020202 पर मैसेज और वीडियो अपलोड कर भी शिकायत की जा सकती है। कभी भी छात्राओं और महिलाओं की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी।