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मासूम से दुष्कर्म करने वाले शिक्षक को उम्रकैद, घर में ट्यूशन पढ़ाते वक्त बनाया था हवस का शिकार

Wed, 23 Oct 2019 07:05 PM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
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छह साल की छात्रा से दुष्कर्म करने वाले शिक्षक को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी पर 60 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। इसमें 30 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
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कन्नौज में गुरसहायगंज कस्बे के सुभाषनगर में रहने वाला राहुल पुत्र धुनालाल पाल निजी विद्यालय में पढ़ाता था। राहुल कस्बे में ही रहने वाले एक व्यक्ति की छह वर्षीय बेटी को ट्यूशन भी पढ़ाने जाता था। 14 दिसंबर 2015 की शाम चार बजे मौका देखकर राहुल ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया।

हालत बिगड़ने के बाद परिजनों को इसकी जानकारी हुई। इसके बाद 15 दिसंबर को परिजनों ने आरोपी राहुल को पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। पीड़िता के पिता ने कोतवाली में आरोपी के खिलाफ बेटी से दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
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मामले की जांच तत्कालीन सीओ करन सिंह ने की थी। बुधवार को शासकीय अधिवक्ता तरुण चंद्रा ने गहनता से पैरवी की। शासकीय अधिवक्ता ने तर्क रखे। इनसे सहमत होकर विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट/अपर जिला जज प्रथम राम बरन सरोज ने राहुल को उम्रकैद और 60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

जुर्माने की रकम से 30 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। शासकीय अधिवक्ता तरुण चंद्रा ने बताया कि कोर्ट ने धारा 376 में 10 साल की सजा और 15 हजार जुर्माना, धारा चार लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत 10 वर्ष की सजा और 20 हजार जुर्माना और एससी/एसटी एक्ट में उम्रकैद और 25 हजार का जुर्माना लगाया है।
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