कल्याणपुर में शनिवार को कार खड़ी करके अमरूद खरीद रहे वरिष्ठ अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे से एक दरोगा और कांस्टेबलों ने जमकर अभद्रता की। उनकी कार, मोबाइल और लाइसेंसी रिवॉल्वर छीनकर उन्हें जबरन थाने ले गए। गाली गलौज करते हुए मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी।
वरिष्ठ साथी के साथ हुई घटना की जानकारी मिलते ही बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री कांग्रेस नेता नरेश त्रिपाठी कई अधिवक्ताओं के साथ थाने पहुंच गए और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पाकर एसपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी और सीओ कल्याणपुर अखिलेश सिंह थाने पहुंचे और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा देकर वकीलों को शांत कराया। इधर, एसएसपी शलभ माथुर ने एसपी ग्रामीण की रिपोर्ट पर देर शाम आरोपी दरोगा और दो कांस्टेबलों को लाइन हाजिर कर दिया है।
पीड़ित अधिवक्ता ने बताया कि सरेआम उनके साथ लूट की गई और जोर देने के बावजूद उनकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई। वे सोमवार को आगे की कार्रवाई करेंगे। अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे बेहमई कांड में पीड़ितों के वकील हैं। उन्होंने बताया कि वे शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे बिठूर से कार से घर लौट रहे थे।
कल्याणपुर क्रासिंग के पास अमरूद खरीदने लगे। इसी दौरान कल्याणपुर थाने के कांस्टेबल निर्देश कुमार यादव और कांस्टेबल वीरेंद्र बाबू वहां पहुंचे और कार हटाने को कहा। अधिवक्ता ने बताया कि वे कार में बैठते इससे पहले ही कांस्टेबलों ने बदसलूकी शुरू कर दी। अपशब्द कहते हुए कार की चाभी निकाल ली।
अधिवक्ता ने अपना परिचय देते हुए कार की चाभी निकालने का विरोध किया तो नोंकझोंक हो गई। अधिवक्ता मामला टालते हुए कार से चल दिए तो थोड़ी देर बाद पीछे से 100 डॉयल की गाड़ी ने ओवरटेक करके कार रोक ली। कार में कांस्टेबल निर्देश कुमार यादव, इंदिरा नगर चौकी प्रभारी धर्मेंद्र कुमार यादव, धीरेंद्र कुमार समेत अन्य पुलिस वाले थे।
उन लोगों ने आते ही अधिवक्ता से बदसलूकी की और थाने ले जाकर उन्हें हवालात में डालने की धमकी दी। चौकी प्रभारी उनकी रिवाल्वर छीनने लगे जिससे कुंडा टूट गया। इसके बाद अधिवक्ता को थाने ले जाया गया। और तो और चौकी प्रभारी उनकी कार लेकर कहीं चले गए।
मामले की जानकारी होते ही बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नरेश त्रिपाठी साथी अधिवक्ता मनोज पांडेय, श्याम सिंह राना समेत अन्य अधिवक्ताओं के साथ कल्याणपुर थाने पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं का हंगामे की सूचना पर एसपी और सीओ थाने पहुंचे और अधिवक्ता को उनका रिवाल्वर, मोबाइल और कार वापस कराई।
अधिवक्ता दुबे का कहना है कि पुलिस वालों ने उनके मोबाइल से अति महत्वपूर्ण डाटा भी डिलीट कर दिया। एक तरह से पुलिस वालों ने उनके साथ लूट की। थाने में एसपी से उन्होंने रिपोर्ट दर्ज करने को कहा तो जांच की बात कहकर टाल दिया।
उधर, एसएसपी का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मियों को फिलहाल लाइन हाजिर किया गया है। जांच रिपोर्ट आने पर आगे और कार्रवाई तय होगी।