जैसी आशंका थी, वैसा ही हुआ। अनुभव अब कभी नहीं लौटेगा। कल्याणपुर से छह महीने पहले अगवा डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर के आठवीं के छात्र अनुभव सिंह की हत्या कर दी गई।
उसे मुंह दबाकर बेहोश करने के बाद पनकी नहर में डुबोकर मारा गया और शव को नहर में ही बहा दिया गया। शनिवार को पकड़े गए आरोपी ने यह सब खुलासे किए।
हेड कांस्टेबल के बेटे इस आरोपी ने बताया कि वह अनुभव के परिवार की एक करीबी लड़की से शादी करना चाहता था।
अनुभव के पिता इसका विरोध करते थे, जेल भिजवाने की धमकी देते थे। इसी वजह से अनुभव को मार डाला।
इस वारदात में उसके साथ सगा और फुफेरा भाई भी शामिल रहे। कल्याणपुर पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
उसके सगे और फुफेरे भाई की तलाश की जा रही है। इस मामले में पुलिस आरोपी के माता-पिता, पत्नी तीन मामा और बुआ के खिलाफ भी कार्रवाई करने जा रही है।
इन पर साक्ष्य छिपाने, साजिश में शामिल होने और संरक्षण देने का मामला दर्ज किया जा रहा है।
अनुभव आवास विकास-तीन निवासी कोचिंग संचालक अजय सिंह राणा का इकलौता बेटा था।
वह नौ जुलाई को स्कूल से लौटने के बाद दोपहर में साइकिल लेकर घर से निकला था। इसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं था।
अजय ने बेटे के अपहरण की आशंका जताते हुए कल्याणपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
छानबीन के दौरान पुलिस को पनकी नहर के किनारे अनुभव की साइकिल और कपड़े मिले थे।
पुलिस ने गोताखोरों की टीम को नहर में अनुभव की तलाश में उतारा पर उसका पता नहीं चला था।
पुलिस को नहर वाले रास्ते में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में अनुभव एक लड़के के साथ जाता दिखाई दिया था।
कुछ दिनों बाद अनुभव के पिता अजय ने कानपुर देहात पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल बनवारी लाल के बेटे अमित उर्फ रिंकू पर बेटे के अपहरण की आशंका जताई थी।
छह महीने तक सोने के बाद आईजी के क्लास लेने पर पुलिस और क्राइम ब्रांच ने शनिवार को उन्नाव के फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के मनकापुर में अपने मामा विनोद, छुटकऊ और ननके के घर छिपे अमित को पकड़ लिया था।
तब से पुलिस एवं क्राइम ब्रांच टीम पूछताछ में जुटी थी। क्राइम ब्रांच प्रभारी अखिलेश गौड़ ने बताया कि पहले तो अमित खुद को निर्दोष बताता रहा।
पर पूछताछ में कई बार बयान बदलने पर वह फंस गया। सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया और अनुभव की हत्या की बात कुबूल ली।
बोले जिम्मेदार
अनुभव के अपहरण एवं हत्या में परोक्ष और अपरोक्ष रूप से शामिल सभी लोगों को जेल भेजा जाएगा।
अब तक विवेचना में अमित के पिता कानपुर देहात पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल बनवारी लाल को आरोपी को संरक्षण देने, अमित की मां विमला का साजिश में शामिल होने, पत्नी आंकाक्षा केसाक्ष्य छिपाने और तीन मामाओं, मौसी और बुआ के आरोपी को संरक्षण देने का आरोपी माना गया है।
सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। आरोपी हेड कांस्टेबल बनवारी लाल और पत्नी महिला कांस्टेबल आकंाक्षा को बर्खास्त भी किया जाएगा।
आशुतोष पांडेय, आईजी