फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

NIA के सवालाें से परेशान हुअा कानपुर रेल हादसाें का अाराेपी शम्शुल हाेदा, बाेल बैठा ये बातें

Thu, 02 Mar 2017 05:20 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
कानपुर के पुखरायां में हुए रेल हादसे की फाइल फाेटाे व इनसेट में अाराेपी शम्शुल हाेदा
विज्ञापन
पिछले साल कानपुर देहात के पुखराया में हुए रेल हादसे के अाराेपी आईएसआई एजेंट शम्शुल हाेदा अब NIA के सवालाें से परेशान हाे गया है। सवालाें से बचने के लिए अब वह नया तरीका अपना रहा है। हालांकि NIA अपने तीखे सवालाें अाैर सबूताें के अाधार पर उसे घेरने की काेशिश में जुटी है। NIA के अाईजी अालाेक मित्तल ने बताया कि नेपाल पुलिस से अनुमति मिलने के बाद NIA की दाे सदस्यीय टीम ने शम्शुल हाेदा से पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि पूछताछ में क्या हुअा इन बाताें काे शेयर करने से इंकार कर दिया। 
विज्ञापन


सूत्राें के मुताबिक NIA के सवालाें से बचने के लिए शम्शुल हाेदा ने कानपुर रेल हादसें में खुद की संलिप्तता से साफ इंकार कर दिया है। यही नहीं उसने रेल हादसे व मर्डर के अाराेप में गिरफ्तार उमाशंकर पटेल, मोती पासवान, मुकेश यादव, बृजकिशोर गिरी, मुजाहिद अंसारी और शंभू गिरी से भी किसी भी तरह की जान-पहचान से इंकार कर दिया है। 
 
इसके पहले नेपाल पुलिस ने अपनी जांच में पाया था कि रेल हादसा सफल न हाे पाने के चलते बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के दो युवक अरुण राम और दीपक राम हत्या कर दी गई थी। इन दाेनाें काे हादसा कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। इन दाेनाें के हत्या के मामले में छह लोगों (उमाशंकर पटेल, मोती पासवान, मुकेश यादव, बृजकिशोर गिरी, मुजाहिद अंसारी और शंभू गिरी) को गिरफ्तार किया था। जांच के बाद मोती पासवान ने स्वीकार किया कि अरुण और दीपक की हत्या इन लोगों ने इसलिए कर दी क्योंकि पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन में एक अक्टूबर को रेलवे ट्रैक पर बम ब्लास्ट करना था, जिसमें वे विफल रहे।
विज्ञापन


 इस काम के लिए दोनों को अच्छी खासी रकम का भुगतान किया गया था। पैसा नहीं लौटाने पर नेपाल में बुलाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। पूछताछ के दौरान मोती पासवान ने स्वीकार किया कि न केवल घोड़ासहन बल्कि कानपुर में 20 नवंबर को हुए रेल हादसे के पीछे भी उनका हाथ है और वहां भी ट्रेन जब गुजर रही थी तब बम ब्लास्ट किया गया था।

मोतिहारी में एसपी जितेंद्र राणा ने दावा किया था कि 20 नवंबर को पुखराया के पास हुआ रेल हादसा आईएसआई की साजिश का नतीजा था। आरोपियों से पूछताछ में जानकारी मिली कि कानपुर रेल हादसे का मास्टर माइंड दुबई में बैठा नेपाल का कारोबारी शम्शुल होदा है। उसी ने इसे अंजाम देने के लिए फंडिंग की थी। मालूम हो कि पिछले साल 20 नवंबर को पटना-इंदौर एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। इसमें 150 से ज्यादा लोगों की जान गई थी।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें