झाड़-फूंक बनी दोनों की मौत की वजह
महज चार महीने पहले जीवन की एक डोर में बंधने वाले रंजीत और बबली के बीच अक्सर दारू और टोना-टोटका को लेकर विवाद हुआ करता था। रंजीत के परिजनों की मानें तो बबली की मां का टोना टोटका करती थी उसके घर में देवता बुलाने वाला चौरा भी बना था। यही वजह थी कि बबली जब भी मायके जाती थी, रंजीत भी साथ जाता था और लेकर साथ आता भी था। उसे झाड़फूंक और ससुराल में दारू बनाना बिल्कुल भी पसंद नहीं था। उसका कहना था कि उसके ससुराल वालों ने यह सब चीजें छिपाकर शादी कर दी।
रंजीत की मां कलुई ने बताया कि शादी के बाद जब बहू ससुराल आई थी तो उसकी मां ने साथ में कुछ टोटका का सामान भी रखा था। उन्हें यह बात नहीं बताई गईं थी कि बहू के मायके में यह सब कुछ होता है। 15 दिन पहले भी बहू मायके गई थी। तब भी बेटा साथ लेकर उसे गया था और वापस ले आया था। बेटे ने सास को चौरे पर झाड़फूंक करते देखा था। गुरुवार को भी बहू और बेटा में इसी बात पर कहासुनी हुई। उन्हें जरा सा इल्म नहीं था कि यह कहासुनी दो परिवाराें को इस राह पर ला खड़ा करेगी। बीते शुक्रवार को फतेहपुर के खखरेरू थाना क्षेत्र के सलवन महेड़ी गांव में नवविवाहित दंपति रंजीत और बबली ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। एसओ गणेश प्रसाद का कहना है कि लड़की के मायके पक्ष के लोगों ने अभी तक कोई आरोप नहीं लगाया है न ही कोई बयान देने को तैयार हो रहे हैं।