कैनाल रोड घसियारी मंडी में शुक्रवार सुबह एक मंजिला मकान ढहने से बुजुर्ग दंपति और बहू मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर भीड़ जमा हो गई। पुलिस भी आ गई थी।
इसी बीच कुक का काम करने वाले संजय चक्रवर्ती ने मलबे से तीनों को निकाला। घायलों को नार्थ स्टार अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ समय बाद एक दमकल पहुंची। वहीं, पड़ोसी के प्लाट के मजदूरों के फंसे होने की आशंका में दोपहर तक जेसीबी से मलबा हटाया गया। परिवार का आरोप है कि पड़ोसी के प्लाट में खोदाई के चलते मकान ढहा है। इसमें मकान मालिक की मिलीभगत का शक है।
घसियारी मंडी रोड पर भगवतदास घाट निवासी सुरेश पंडा का मकान है। एक हिस्से में महादेव प्रसाद जायसवाल (80) परिवार समेत किराए पर रहते हैं। इनका मकान खाली कराने का विवाद चल रहा है। बेटे अनुराग उर्फ मुन्ना ने बताया कि हादसा सुबह करीब 11:15 बजे हुई। उनके मकान से सटे पटकापुर निवासी राजेश गुप्ता के प्लाट में दो दिन से खोदाई हो रही थी। बकौल अनुराग घटना से चंद मिनट पहले ही वह नीचे उतरे थे।
पिता महादेव प्रसाद और मां विद्यावती ऊपर ही थीं। पत्नी माला (42) खाना पका रहीं थीं। अचानक ऊपरी मंजिल ढह गई। तीनों मलबे में फंस गए। सूचना पर कोतवाली सीओ ओपी सिंह, फीलखाना एसओ आरके त्रिपाठी फोर्स के साथ पहुंचे। इस बीच एसपीओ एपी गौतम और पुलिसकर्मी भी लोगों को निकालने में मदद करने लगे। उधर, मकान ढहते ही प्लाट में काम कर रहे ठेकेदार, मजदूर भाग निकले।
एसओ ने बताया कि महादेव और विद्यावती की हालत गंभीर है। वहीं मजदूर फंसे होने की आशंका में दोपहर एक बजे एक मजिस्ट्रेट पहुंचे। भीड़ में मौजूद एक नेता को हटाने को कहा तो वह भड़क उठे। इससे उनकी नोकझोंक हुई।