‘वीरप्पन’, ‘ददुआ’ से भी ज्यादा खतरनाक, शातिर और हाईटेक हो चुके बीहड़ के दो डकैतों को पकड़ने में पुलिस फेल होती नजर आ रही है। विधानसभा चुनाव नजदीक हैं ऐसे में पुलिस के साथ ये डकैत भी एक्टिव हो चुके हैं। बुंदेलखंड के जंगल और बीहड़ इलाकों में छुपकर रहने वाले शातिर इनामी डकैत गोप्पा और बबुली को पुलिस क्यों नहीं गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। इसका कारण जानकर आप भी चौंक जाएंगे।
बचने के लिए लेटेस्ट टेक्नलॉजी सोशलमीडिया और गूगल मैप का लेते हैं सहारा
सफेदपोशों के यहां शरण पाता है डकैत गोप्पा
डेरा बदलने में माहिर, पुलिस ने शुरू की कांबिंग
गोप्पा के मुखबिर अधिक सक्रिय
सफेदपोशों से मिलती गैंग को मदद
जगह बदलने में माहिर गोप्पा
डकैत गोप्पा
पचास हजार का इनामी दस्यु गोप्पा पुलिस के लिए सिर दर्द बनता जा रहा है। एक स्थान पर वारदात करने के बाद दूसरे स्थान पर चले जाने से पुलिस हाथ मलती रह जाती है। डकैतों के पीछे लगाए गये मुखबिर भी कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल ने गोप्पा को मार गिराने के लिए कांबिंग शुरू कर दी है। दस्यु गोप्पा के मुखबिर पुलिस के मुखबिर से अधिक सक्रिय हैं। जितनी भी वारदात गोप्पा ने इस साल की है। उसमें उसके मुखबिरों की खासी भूमिका रही है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। मृतक राजा यादव जब अपनी भाभी के साथ बैंक से रुपये निकालने के लिए घर से चला तो गोप्पा को इस बात की सूचना पहले से ही मिल गई। जिससे उससे घात लगाकर हमला किया। शुरुआत में शिक्षा के मंदिरों में धावा बोल और शिक्षकों को धमकाकर वसूली करने वाला डाकू गोप्पा का नेटवर्क भी बढ़ता जा रहा है। कई स्थानों पर गुप्त ठिकाने बनाने के अलावा उसे कुछ राजनैतिक दल के नेताओं का भी संरक्षण प्राप्त होने की संभावना है।
मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में आतंक का पर्याय बना बबुली कोल
डकैत बबुली
साढ़े पांच लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग का सीमावर्ती चित्रकूट में आतंक है। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में आतंक का पर्याय बन चुके 5 लाख के इनामी डकैत बबुली ने पिछले दिनों तांडव मचाया था। मारकुंडी थाना अंतर्गत करौंहा गांव में पूर्व सरपंच नहीं मिला तो पत्नी को ही अधमरा कर दिया था। दो महीने पहले गांव वालों से हर महीने रंगदारी भेजने की मांग करते हुए बबुली कोल गैंग के सभी डकैतों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस दौरान डकैतों ने दहशत फैलाने की नीयत से एक किसान को गोलियों से भून दिया था। बेखौफ डकैत जिस तरह से गांव में आए और किसान की हत्या कर निकल गए उससे ग्रामीणों में खौफ का माहौल है। पुलिस आज भी पाठा के जंगलों में डकैत बबुली को ढूंढ रही है।