कल्याणपुर के छात्र हेमंत यादव मर्डर केस की गुत्थी सुलझ गई है । हेमंत की हत्या में उसके ही दो सहपाठियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। एएसपी स्वरूपनगर डा.ख्याति गर्ग ने बताया रविवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कल्याणपुर स्टेशन के पास से एसओ नवाबगंज कृष्ण लाल पटेल और एचबीटीआई चौकी इंचार्ज रविशंकर त्रिपाठी के टीम ने दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस हिरासत में दोनों आरोपियों ने हेमंत की हत्या करना कबूल किया है।
एएसपी स्वरूपनगर ने बताया मृतक और आरोपी इंटर के छात्र हैं और एक ही क्लास-कोचिंग में पढ़ते हैं। घटना के बाद पुलिस ने क्लास और कोचिंग में पूछताछ की तो क्लास की एक लड़की को लेकर अरूण(बदला हुआ नाम) नाम के छात्र से हेमंत की लड़ाई की बात सामने आई। जांच के दौरान अरूण के मोबाइल की लोकेशन भी घटना के समय गंगा बैराज पर मिली। इसी के आधार पर पुलिस से अरूण के साथ साइकोलाजिकल ट्रीटमेंट किया तो उसने हत्या कबूल ली। वारदात में एक अन्य सहपाठी शिवा(बदला हुआ नाम) भी शामिल था। बताते चलें सोमवार 19 सितंबर को गंगा बैराज के पास ज्योरा में सपा विधायक के फार्म हाउस के पास एक शव मिला था। अगले दिन जिसकी शिनाख्त कल्याणपुर के इंटर छात्र हेमंत यादव के तौर पर हुई थी।
बचपन का प्यार दूर होने पर की थी हत्या
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अरूण की क्लास की एक लड़की से क्लास छह से दोस्ती थी। बताया गया कि बीते तीन सालों से दोनों में प्रेम संबंध भी थे। किसी बात को लेकर पिछले कुछ महीनों से लड़की ने अरूण से बात करना कम कर दिया था। इस दौरान लड़की की मित्रता हेमंत से हो गई। क्लास और कोचिंग एक होने से लड़की और हेमंत की करीबी बढ़ रही थी। अरुण को शक था कि दोनों में प्रेम संबंध हैं। अरूण ने कई बार हेमंत से उस लड़की से दूर रहने को कहा। इसको लेकर दोनों में कई बार हाथापाई भी हुई थी। जिसके बाद अरूण ने हेमंत से ऊपरी तौर पर समझौता तो कर लिया लेकिन दिल नफरत पाले था।
साथी संग रची साजिश
19 सितंबर को 2:30 बजे हेमंत अपनी बाइक से पनकी रोड स्थित कोचिंग पहुंचा जहां अरूण ने अपने दोस्त शिवा(बदला हुआ नाम) के माध्यम से उसे गंगा बैराज चलने को कहा। अपनी बाइक कोचिंग के पास खड़ा कर तीनों शिवा की बाइक से गंगा बैराज गए। बैराज से बनियापुरवा जाने वाली सड़क पर तीनों दोस्त उतर कर बात करने लगे। इसी दौरान अरूण ने पास पड़े एक डंडे से पीछे से हेमंत के सिर पर कई वार किए। लड़खड़ा कर हेमंत सड़क से झाड़ियों की ओर लुढ़क गया। हेमंत के गिरते ही अरूण ने अपने बैग में रखा चाकू निकाला और उसका गला रेत दिया। कुछ पल तड़पने के बाद हेमंत ने दम तोड़ दिया। पहचान मिटाने के लिए अरूण ने बैग से पेट्रोल निकालकर हेमंत के शव पर डाला और आग लगाकर भाग निकले। पुलिस के मुताबिक वारदात मे इस्तेमाल चाकू को गंगा में फेंक आरोपी घर निकल गए।
खून से सने कपड़े,डंडा,चाकू बरामद नहीं
चाकू से गला रेतने पर काफी मात्रा में खून निकलता है लेकिन घटनास्थल पर ज्यादा खून नहीं मिला था। पुलिस की कहानी पर यकीन भी किया जाए तो आरोपियों के कपड़े खून से सने होने चाहिए लेकिन पुलिस अब तक उनके ऐसे कपड़े बरामद नहीं कर पाई है। हत्या में इस्तेमाल चाकू को बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन डंडा अब तक पुलिस को नहीं मिल पाया है।