सड़क हादसे में घायल पैथोलॉजी के जनसंपर्क अधिकारी सर्वजीत सिंह की मंगलवार को हैलट में मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने इमरजेंसी पहुंचकर एक महिला डॉक्टर को पीट दिया। इस पर जूनियर डॉक्टरों ने सर्वजीत के बेटे और भतीजे को एक कमरे में बंद पीटा। स्वरूप नगर पुलिस किसी तहर दोनों को जूनियर डॉक्टरों से मुक्त कराकर थाने ले गई। देर रात तक दोनों पक्षों में समझौता कराने की कवायद चलती रही।
नौबस्ता के गोपाल नगर (यशोदा नगर) निवासी सर्वजीत सिंह किदवई नगर की एक पैथोलॉजी में पीआरओ थे। सोमवार रात सर्वजीत पत्नी आशा और बेटी अंजली के साथ बाइक से शादी समारोह से लौटते रहे थे। किदवई नगर में ही एक तेज रफ्तार बुलेरो ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में सर्वजीत, पत्नी और बेटी घायल हो गए।
सर्वजीत का बेटा शुभम अपने दोस्त अंकित ने घायल परिजनों को हैलट पहुंचाया। सुबह तीनों को अलग-अलग वार्डों में भेज दिया गया। सर्वजीत का सर्जरी विभाग के वार्ड भर्ती थे। शुभम ने बताया कि दोपहर में पिता की तबियत अचानक बिगड़ गई। उसने वार्ड में मौजूद डॉक्टरों को देखने की गुहार लगाई लेकिन डॉक्टरों अनसुना कर दिया। काफी मिन्नतों के बाद डॉक्टर पहुंचे और पिता को मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों ने उसे डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए हैलट इमरजेंसी भेज दिया। बताया जाता है कि शुभम अपने चचेरे भाई सूर्य प्रताप सिंह के साथ इमरजेंसी पहुंचा। वहां आईसीयू में मौजूद डॉ. जागृति से पिता के इलाज को लेकर भिड़ गया और तमाचा जड़ दिया। इस पर विवाद हो गया। सूचना पर पहुंची सीओ स्वरूप नगर ममता कुरील और एसएसआई राम प्रकाश ने शुभम और सूर्य प्रताप को मुक्त कराया और थाने ले आए। थोड़ी देर बाद मेडिकल कालेज के मेडिसन विभाग की एचओडी डॉ. आरती लाल चंदानी और जूनियर डॉक्टर भी थाने पहुंच गईं। देर रात तक थाने में जूनियर डॉक्टरों अथवा तीमारदारों की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई। इधर, एसएसआई का कहना है कि तहरीर मिलने पर एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।