हरदोई की रहने वाली आशा कार्यकर्ता को बंधक बनाकर शाहजहांपुर के तीन लड़कों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। दुष्कर्म आरोपी 2 फरवरी को आशा कार्यकर्ता को शहर कोतवाली क्षेत्र से वैन में बंधक बनाकर अपने गांव ले गए थे। जहां पर तीनों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया था। उनके चंगुल से निकल कर कोतवाली पहुंची आशा ने पुलिस को आपबीती बताई थी। पुलिस जांच के नाम पर करीब चार महीना उसे टकराती रही। एसपी व डीआईजी को प्रार्थना-पत्र दिया था। जिसके आधार पर रविवार को पुलिस ने शाहजहांपुर निवासी तीन युवकों के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की है।
बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र निवासी आशा कार्यकर्ता 2 फरवरी 2017 को जिला अस्पताल आई थी। शाम करीब सात बजे वह गेट से बाहर निकल कर रोड किनारे पैदल चल रही थी। इसी दौरान वैन सवार लोगों ने उसे अंदर खींचकर मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। वैन सवार युवक शाहजहांपुर के परौरी थाना क्षेत्र के कुबेर गांव निवासी राम सिंह, बुद्धपाल और उदय सिंह गांव ले गए। एक मकान में उसको बंधक बनाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। 3 फरवरी को दुष्कर्म पीड़िता किसी तरह उनके चंगुल से भागकर घर पहुंची थी। परिजनों को आपबीती बताई।
इस पर परिजनों ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया था। पीड़िता के अनुसार परिजनों ने कोतवाली में तहरीर दी थी। जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने की बात कहकर स्थानीय पुलिस उसे टरकाती रही। पीड़िता ने एसपी व डीआईजी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। रविवार को पुलिस ने रामसिंह, बुद्धपाल व उदय सिंह के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज की। कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई है। बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।