छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के मामले में कानपुर यूनिवर्सिटी के चार छात्रों को एक महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। अब ये चारों न तो क्लास में बैठ पाएंगे न ही हॉस्टल में रह पाएंगे। कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने पूरे मामले की जांच महिला शिकायत प्रकोष्ठ को दी है। प्रकोष्ठ को एक महीने के अंदर जांच रिपोर्ट देनी है।
कानपुर यूनिवर्सिटी के यूआईईटी की केमिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की दो छात्राओं ने केमिकल इंजीनियरिंग थर्ड ईयर के स्टूडेंट दिव्यांशु, सत्यम, अनुपम और गौरव पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। लिखित शिकायत करके कहा कि कक्षा में पढ़ने वाले दोस्तों ने पनकी में पार्टी रखी और बहाने से बुलाकर ले गए। वहां कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर शराब पिला दी, फिर छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने लगे। शोर मचाने पर आरोपी छात्र भागे। मामला 23 मार्च का था और छात्राओं ने 25 मार्च को शिकायत दर्ज कराई थी।
कैफेट एरिया के बाहर पहुंचकर हंगामा भी किया। एक आरोपी छात्र की पिटाई भी कर दी। इस मामले का संज्ञान कुलपति ने लिया और आरोपी छात्रों को कक्षा से निलंबित और हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। कुलपति ने बताया कि पूरे मामले की जांच महिला प्रकोष्ठ को दी गई है। प्रकोष्ठ में प्रति कुलपति प्रो. आरसी कटियार, प्रो. मृदुला भदौरिया, डॉ. अंशु यादव, डॉ. अर्पिता यादव और डॉ. विजय लक्ष्मी त्रिवेदी हैं।
सभी लोगों का पैनल बैठेगा, फिर आरोपी छात्रों से पूछताछ होगी। अलग-अलग बयान दर्ज किए जाएंगे। नोटिस देकर स्टूडेंटों के माता-पिता को बुलाया जाएगा। लड़कियों से भी पूछताछ होगी। यदि जांच में आरोप सही साबित हुए तो चारों छात्रों को यूनिवर्सिटी से निष्कासित किया जा सकता है।