कानपुर। कल्याणपुर और काकादेव में पकड़ा गया जालसाजों-साल्वरों का गैंग
बड़े शातिराना अंदाज में काम करता है। सरकारी विभागों में भर्ती और शैक्षिक
संस्थाओं में दाखिले को होने वाली परीक्षाओं में सफलता दिलाने का ठेका
लेने वाले गैंग के साल्वर और अभ्यथीं से मिलती-जुलती फोटो और पहचान पत्र
बनाए जाते हैं। ताकि एक झटके में पहचान में न आ सकें। पुलिस को जालसाजों की
दुकानों से मिले मोबाइल में भी फर्जी दस्तावेज बनाने के कई मैसेज मिले हैं
जो लोगों ने भेजे हैं। किसी में लिखा है कि तुमने मार्कशीट में कॉलेज के
नाम गलत कर दिया है। इसे ठीक करो, जल्दी देनी है। दुकानों से फर्जी वोटर
आईडी, राजस्व से जुड़े विभागों के साथ ही पुलिस के परिचय, शैक्षिक प्रमाण
पत्र और फर्जी मार्कशीटें मिलने से माना जा रहा है कि गैंग के तार कई जिलों
और राज्यों में फैले हो सकते हैं।
इस खुलासे से यह भी आशंका जताई जा
रही है कि रविवार को आयोजित कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए साल्वरों का
गैंग सक्रिय हो गया है। परीक्षा के प्रवेश पत्रों में अभ्यार्थियों से
मिलती-जुलती फोटो के साथ सेंटर पर मांगे जाने वाले फोटो आईडी बनाए जाने का
काम भी कई साइबर कैफे और अन्य दुकानों पर बड़े पैमाने में चल रहा है। बताया
जा रहा है कि फर्जीवाड़ा करने वाले गैंग को काकादेव, बर्रा, घाटमपुर,
कानपुर देहात के कई सफेदपोशों और शिक्षा से जुड़े माफियाओं का वरदहस्त
प्राप्त है।
पुलिस के अनुसार काकादेव कल्याणपुर एरिया जालसाजों का गढ़
बन गया है। यहां दर्जनों कोचिंग होने से आसानी से साल्वर मिल जाते हैं। साथ
ही कोचिंग के स्टूडेंट्स आसानी से मिल जाने से उनके फोटो इस्तेमाल करके
दस्तावेजों में उनकी फोटो और नाम-पते का यूज कर लेते हैं। पकड़े गए सुबोध
कटियार काकादेव में रहकर बैंक की पीओ परीक्षा पास कर चुका है। इसके पास से
नवनीत की आईडी मिली है। पुलिस के अनुसार हो सकता है कि रविवार को होने वाली
बैंक पीओ परीक्षा में सुबोध साल्वर के रूप में बैठने वाला था। उससे पूछताछ
की जा रही है।