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पुलिस हिली, कार मिली

Wed, 13 May 2015 03:29 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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‘शहर के सलमान कांड’ में सड़क किनारे सो रहे मजदूरों की मौत के लिए जिम्मेदार वेंटो कार को पुलिस ने आखिर मंगलवार को बरामद ही कर लिया। बकौल पुलिस कार आर्यनगर में लावारिस हाल में खड़ी थी। पुलिस का दावा है कि अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए भी कई जगहों पर छापा मारा गया, मगर वह हाथ नहीं लगा। मंगलवार को घटे इस घटनाक्रम में मैनेजमेंट की बू आने के बावजूद अमर उजाला के पाठकों के दिल में जरूर ठंडक पड़ेगी कि चलो कोहना पुलिस ने कुछ तो किया।
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अमर उजाला ने मंगलवार को पुलिस को आईना दिखाया था कि वह जानबूझ कर या लापरवाही में अभियुक्त की मददगार बन रही है। पुलिस ने देर शाम ड्राइवर ओमप्रकाश को पकड़ लिया है, हालांकि पुलिस ने इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

एसओ कोहना रणजीत सिंह ने बताया कि मंगलवार दोपहर लगभग सवा दो बजे आर्यनगर स्थित आनंद एमवीआर अपार्टमेंट की पार्किंग से एक वेंटो कार लावारिस हाल में खड़ी थी। मुखबिर ने नंबर प्लेट पर यूपी 78-सीएस-0903 देखकर उसे पहचाना और पुलिस को सूचना दी।
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कार की अगली नंबर प्लेट घटनास्थल पर पाई गई थी। पिछली नंबर प्लेट कार में ही लगी हुई है। कार को कब्जे में लेकर थाने में दाखिल कराया गया है। एसओ का दावा है कि कार के रजिस्ट्रेशन पर लिखे पते 361 श्रीराम महारानी मिल कैंपस हैरिसगंज में सोमवार और मंगलवार को तीन बार दबिश दी गई।

वहां ताला लटका मिला। छापेमारी चल रही है। अभी तक कार मालिक का दूसरा पता नहीं मिला है। छानबीन की जा रही है। पता मिलने पर वहां भी छापेमारी की जाएगी। कार मालिक के मिलने पर मालूम हो सकेगा कि जिसके नाम कार का रजिस्ट्रेशन है वह दुनिया में है या नहीं।

कार असल में कौन चला रहा था, यह भी आगे की तफ्तीश में पता चल सकेगा। रजिस्ट्रेशन नंबर, यूपी 78-सीएस-0903 फॉक्स वैगन वेंटो कार का है। रिकॉर्ड के मुताबिक कार के मालिक का नाम वृज लाल वहूदरदास शाह है। वे 361 श्रीराम महारानी मिल कैंपस हैरिसगंज कानपुर के निवासी हैं।

दरअसल, हिट एंड रन के इस गंभीर मामले में जाने-अनजाने कोहना पुलिस की भूमिका अभियुक्त को फायदा पहुंचाने वाली रही। 48 घंटे तक पुलिस, अभियुक्त को तलाशने की बजाय बहाना बनाने की कोशिश करती रही। अमर उजाला टीम ने रजिस्ट्रेशन पर लिखे पते पर सोमवार को पहुंचकर कार मालिक के बेटे सुधीर शाह को तलाश कर उनसे बातचीत कर ली।

यहां हम यह भी स्पष्ट करना चाहते हैं कि अमर उजाला प्राप्त जानकारी के एकदम सही होने का कोई दावा नहीं करता। पत्रकारिता का धर्म निभाते हुए, हमने सीमित संसाधनों में घटना से जुड़े तथ्य जुटाए। अब पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि वह तथ्यों की गहराई तक जाए और सच्चाई सामने लाए।
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