फजलगंज में मंगलवार रात लगभग पौने नौ बजे शार्ट सर्किट से डुलीचंद ऑयल मिल कंपाउंड में आग लगी। यहां छोटे-बड़े करीब 10-12 गोदाम हैं। आग ऑयल और केमिकल वाले गोदाम में लगी। जब तक सूचना पर फायर ब्रिगेड कर्मी पहुंचते आग विकराल हो गई।
छत की साइड की दीवार तोड़कर दो तरफ से पानी की बौछार की गई। पर, केमिकल और ऑयल के चलते आग नहीं थमी। फायर फोम बीच में ही खत्म हो जाने से आग और बेकाबू हुई। धमाके के साथ ड्रम फटने से अफरा-तफरी का माहौल रहा। सभी फायर स्टेशनों के फायर कर्मी और करीब 20 दमकलें मंगाई गईं।
बार-बार आग विकराल हो जाने पर रात लगभग साढ़े 11बजे सीओडी की दमकल के साथ आए फौजियों ने मोर्चा संभाला। देर रात आग पर काबू पाया जा सका। संत नगर चौराहा से गोविंदपुरी रोड पर यह ऑयल मिल कंपाउंड है। चौकीदार इंद्रभान ने बताया कि इस कंपाउंड में कई गोदाम हैं।
पर, ऑयल, फर्नीचर, लेदर, एसके वालों के रूई उत्पाद के बड़े गोदाम हैं। मंगलवार रात आंधी के दौरान शार्ट सर्किट हुआ और उन्नाव वाले आलोक मिश्रा के ऑयल गोदाम में आग लग गई। धुआं और आग की लपटें देख वह घबरा गया। तुरंत मालिक को फोन पर आग लगने की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही फजलगंज पुलिस और फायर स्टेशन की दमकलों के साथ फायरकर्मी आ पहुंचे। आग थमने की बजाय बढ़ती ही जा रही थी। इससे मीरपुर, कर्नलगंज, लाटूश रोड की दमकलें भी बुला ली गईं। सभी फायर अफसर अपनी-अपनी टीम के साथ पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश शुरू की।
मिल कंपाउंड में आग लगने की सूचना से सभी गोदाम मालिक और उनके परिजन घरेलू कपड़ों में ही आ पहुंचे। अपने-अपने गोदाम को आग से सुरक्षित पाकर कई वापस चले गए। पर, जिनके गोदाम फर्नीचर, प्लाई वालों के परिजन आग बुझने तक खड़े रहे। इन्हें अंदेशा था कि आग कभी भी इनके गोदाम को भी चपेट में ले सकता है।
सीएफओ राकेश राव, सीओ नजीराबाद संजीव कुमार दीक्षित भी आग बुझाने के काम का जायजा लेने पहुंचे। मिल में आग बुझाने के उपकरण कहीं न दिखने पर फजलगंज एसओ और एफएसओ ने कंपाउंड मालिक से जुड़े लोगों और आलोक मिश्रा के परिजनों से नाराजगी जताई। इधर, देर रात आग पर काबू पाया जा सका।
हालांकि तब तक आग की तपिश, ड्रम फटने की वजह से दीवारें चटक गईं। छत की टिन शेड टेढ़ी हो गई। आग से लाखों रुपये की क्षति होने का अनुमान लगाया जा रहा है। आग बुझाने के दौरान आग की लपटों और जलते केमिकल से सुरक्षा का कोई उपाय न मिलने पर फायर कर्मियों में नाराजगी साफ दिखी।
नाम न छापने की शर्त पर फायर कर्मियों ने बताया कि डीएम के आदेश के बावजूद उन लोगों को आग से सुरक्षा के उपकरण मुहैया नहीं कराए गए। बिना संसाधन आग बुझाने को झोंक दिया जाता है। हर वक्त जानमाल का भय रहता है।
आग बुझाने के दौरान संतनगर चौराहे से गोविंदपुरी रोड पर दोनों ओर से यातायात रोक दिया गया। डायवर्जन के लिए फजलगंज की फोर्स दोनाें ओर लगाई गई थी।