आश्रम कर्मियों ने गंगा में छलांग लगा बचाई थी जान
फतेहपुर में दुष्कर्म के बाद गर्भवती हुई 15 साल की बेटी को गंगा में डुबोकर जान से मारने की कोशिश करने वाले पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दुष्कर्म करने वाले दिव्यांग के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर उसे पकड़ लिया गया है।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी (कक्षा दस की छात्रा) के साथ पैरों से निशक्त दिव्यांग ने पांच माह पहले दुष्कर्म किया था। आरोप है कि घटना के बाद बदनाम करने की धमकी देकर कई बार किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाता रहा। घटना से किशोरी पांच माह की गर्भवती हो गई थी। यह बात किशोरी को पिता को मालूम हुई तो उसने जान लेने की कोशिश की। किशोरी को लेकर पिता हुसैनगंज थाना क्षेत्र के भिटौरा ओम घाट मंगलवार की शाम पहुंचा। गंगा नदी में बेटी को धकेलने के बाद बांस से धक्का देकर बहाने लगा। कुछ लड़कों ने घटना देखकर चीख पुकार मचाई। ओमघाट के कर्मचारी राकेश सिंह दौड़कर पहुंचे। डूब रही किशोरी को बचाकर आरोपी पिता को दबोच लिया। बच्ची को इलाज के लिए सीएचसी भेजा। खबर मिलने पर पुलिस पहुंच गई। पूछताछ में आरोपी पिता ने कलंक मिटाने का हवाला पुलिस को दिया। पुलिस ने हिरासत में कुछ घंटे बैठाए रखा और बाद में छोड़ दिया। दूसरी ओर ओमघाट के स्वामी विज्ञानानंद और समाजसेवियों ने पूरे प्रकरण की खबर एसपी रामकिशोर को दी। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। हुसैनगंज एसएचओ आनंद तिवारी के मुताबिक गुरुवार दोपहर ओमघाट कर्मचारी राकेश सिंह की तहरीर पर किशोरी के पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद शाम को गिरफ्तार कर लिया। वहीं गाजीपुर थानेदार सुभाष सिंह यादव के मुताबिक किशोरी की तहरीर पर उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की दिव्यांग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपी को भी धर दबोचा है। किशोरी को नारी निकेतन भेजा गया है।