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पिता ने गमछे से गला घोट कर ली बेटी की जान

Sun, 11 Sep 2016 04:07 PM IST
डिजिटल टीम/अमर उजाला, कानपुर
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शाहीन हत्याकांड का आरोपी पुलिस गिरफ्त में - फोटो : amar ujala, kanpur
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फतेहपुर के चांदपुर थानाक्षेत्र के शाहीन हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस जांच में ज्ञात हुआ है कि कातिल पिता ने गमछे से गला दबाकर बेटी की हत्या की थी। उसे अगवा कर घटनास्थल तक पहुंचाने में पूरा सहयोग उसके दो साथियों ने दिया था। दरअसल, कातिल बाप अपनी ही बेटी के ससुराल पक्ष को दहेज हत्या में फंसाकर लंबी रकम ऐंठना चाहता था। अमर उजाला ने तफ्तीश का लब्बोलुआब देख एक दिन पहले ही पिता पर खुलासे का अंदेशा जता दिया था। 
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  चांदपुर थाना क्षेत्र के अंंतर्गत 'गौरी औरा' गांव के निजामुद्दीन उर्फ मिरचइया की बेटी शाहीन (25) की गांव के ही रहीम के साथ शादी हुई थी। शाहीन का घरेलू हिंसा के मामले में ससुराल वालों से बीते चार साल से विवाद चल रहा था। तीन सितंबर को कचहरी से लौटने के दौरान वह लापता हो गई थी। इसके बाद गौरा गांव में ही चार दिन बाद उसका लहूलुहान शव मिला था। निजामुद्दीन की तहरीर पर पुलिस ने शाहीन के पति, ससुर, देवर, जेठ, दो चचिया ससुर समेत सात पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस लाइन में एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि शाहीन चार साल से मायके में रहती थी।
उसका ससुरालीजनों से घरेलू हिंसा का मामला कोर्ट में विचाराधीन था। वह ससुराल जाने के लिए तैयार थी। यह बात पिता निजामुद्दीन को नागवार गुजर रही थी। इस मुकदमे के चलते ही शाहीन के देवर करीम से एक साल पहले निजामुद्दीन की मारपीट हुई थी। तब निजामुद्दीन के खिलाफ करीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। निजामुद्दीन पर आरोप भी तय होने वाला था। निजामुद्दीन ने बदला लेकर पूरे परिवार को फंसाने व समझौते के नाम पर लंबी रकम ऐंठने का मंसूबा तैयार किया। बेटी की साथियों संग मिलकर हत्या की। 
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  दर्ज कराई थी झूठी रिपोर्ट
निजामुद्दीन ने पुलिस को बताया कि उसने तीन सितंबर को शाहीन को अपने दोस्तों दशरथ और छोटेलाल की बाइक में बैठाकर गांव भेजने के बहाने अगवा करा दिया था। शाहीन को दशरथ अपने ट्यूबवेल पर ले गया। एसपी के मुताबिक इधर निजामुद्दीन अपनी बहन रूखसाना निवासी आजाद नगर सिविल लाइन कोतवाली के घर पहुंचा। वहां से बहनोई रफीद संग उनकी बाइक से कोतवाली पहुंचकर बेटी की झूठी गुमशुदगी की सूचना दी। पुलिस को जांच के दौरान ही निजामुद्दीन की भूमिका संदिग्ध लग गई। 

ऐसे दिया वारदात को अंजाम
एसपी ने बताया कि दो दिन शाहीन को बंधक बनाकर रखा गया। पांच सितंबर की रात निजामुद्दीन ट्यूबवेल पर पहुंचा और बेटी को गांव के लिए बैठाकर दो बाइकों पर चारों निकले। गौरा गांव के पास ही निजामुद्दीन और उसके साथियों ने बाइक रोकी। खेत में शाहीन को ले गए। विरोध करने पर पीटा और खुद निजामुद्दीन ने गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद सभी अलग-अलग भाग निकले। 
  ऐसे होना था रकम का बंटवारा
निजामुद्दीन की योजना थी कि अभी दहेज हत्या में ससुराली जन जेल चले जाएंगे। बाद में शाहीन के  ससुराल पक्ष से समझौता कर लेगा। उसमें मिलने वाली रकम तीनों आरोपी बांट लेने थे। समझौते में दबाव बनाया जाता कि निजामुद्दीन पर विचाराधीन मारपीट का केस करीम वापस ले ले। 

सर्विलांस में ट्रेस नंबर से खुला मामला 
क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम की घटना के खुलासे में अहम भूमिका रही है। सर्विलांस में गौरा गांव में रात का मोबाइल लोेकेशन चेक हुआ। निजामुद्दीन ने अपने एक गोपनीय नंबर से हत्याकांड के बाद अपने साथियों दशरथ और छोटेलाल को भोर करीब चार बजे कॉल की थी। इसके बाद मोबाइल नंबर बंद हो गया था। लाश मिलने की जगह पर उस नंबर का लोकेशन मिला। इसी नंबर को बंद करना पुलिस के लिए अहम कड़ी साबित हुआ। 

आखिर बाइक में सवार तीसरा कौन?
अमौली। शाहीन हत्याकांड से एक दिन पहले दशरथ और छोटेलाल को बाइक में एक अज्ञात व्यक्ति के साथ गौरा गांव के आसपास देखा गया था। चर्चा है कि हत्याकांड में बाइक चालक तीसरा व्यक्ति भी शामिल रहा है। पुलिस ने उसका खुलासा नहीं किया है। हालांकि उसकी छानबीन करने में पुलिस जुटी है। 

अमर उजाला की खबर पर लगी मुहर 
अमर उजाला ने 10 सितंबर के अंक में परवीन हत्याकांड की तरह हो सकता है शाहीन हत्याकांड का खुलासा खबर प्रकाशित की थी। पुलिस के खुलासे में भी यही तथ्य सामने आए हैं। इससे पहले छह सितंबर को एक साल पहले मारपीट से बढ़ा दोनों पक्षों में तनाव की खबर प्रकाशित की गई थी। उस रंजिश की पुष्टि भी खुलासे में हुई है। 
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