कानपुर के उर्सला अस्पताल में एक महिला की मौत पर परिजनों ने जमकर बवाल काटा। आक्रोशित परिवार के लोगों ने डॉक्टर से मारपीट कर आइसीयू में तोड़फोड़ की। परिजन डॉक्टर को मारने के लिए उसके पीछे दौड़े। इस पर डॉक्टर ने अपनी जान मुसीबत में देख खुद को बाथरूम में बंद कर लिया।
डाक्टर ने बाथरूम से ही फोनकर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
जानकारी के मुताबिक मीरपुर कैंट निवासी सिलाई कारीगर मो.इमरान की पत्नी सादिया (34) 7 सितंबर को घर में गिर गई थी जिससे दाहिने पैर में फ्रैक्चर हो गया था। सादिया 7 सितंबर से उर्सला अस्पताल के वार्ड नंबर 2 में भर्ती थी। पैर में सूजन के चलते ऑपरेशन नहीं हो पाया था। शुक्रवार को ऑपरेशन तय हुआ। ऑपरेशन ऑर्थोपेडिक सर्जन डा.रामजी खन्ना को करना था। डा. खन्ना के मुताबिक सुबह सादिया को ऑपरेशन थिएटर में लाया गया जहां डा.बालमुकुंद पटेल ने उन्हें एनेस्थीसिया दिया।
डा.खन्ना ने बताया ऑपरेशन के लिए उन्होंने चीरा लगाया ही था कि मरीज को बैचेनी और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। ऑपरेशन रोककर मरीज को ऑक्सीजन दी गई। हालत न सुधरने पर मरीज को आईसीयू में शिफ्ट किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। फिर तीमारदार लाठी-डंडे लेकर ऑपरेशन थिएटर में घुस आए और डा.रामजी खन्ना व उनके सहयोगियों से मारपीट शुरू कर दी।
ऑपरेशन थिएटर के कांच के दरवाजे और मेडिकल उपकरण तोड़ डाले। डाक्टर खन्ना ने खुद को बाथरूम में बंद करके पुलिस को सूचना दी। वहां पहुंचे उर्सला चौकी इंचार्ज रविशंकर पांडे ने तीमारदारों को काबू में करने की कोशिश की तो उन्हें भी लाठी-डंडों से दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। बाद में कोतवाली, फीलखाना, बादशाहीनाका, रायपुरवा थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और बवाल को काबू में किया।