टॉर्च की रोशनी में कर डाले अांखों के ऑपरेशन
यूपी के उन्नाव जिले की एक सीएचसी में 32 मरीजाें की अांख का अाॅपरेशन देर रात टार्च की राैशनी में किया गया। मरीजाें काे अाॅपरेशन के बाद बेड की जगह जमीन पर लिटा दिया गया। यहां तक उन्हें जरूरी दवाईयां भी नहीं दी गई। साेशल मीडिया पर टार्च की राैशनी में अाॅपरेशन करने की फाेटाे वायरल हाेने के बाद प्रशासन सकते में अा गया।
उन्नाव स्थित नवाबगंज सीएचसी में सोमवार देर रात टार्च की रोशनी में मरीजों के आंख के ऑपरेशन किए गए। मरीजों को कानपुर की एक एनजीओ लेकर आई थी। दो दर्जन से ज्यादा मरीजों के ऑपरेशन की जानकारी न तो सीएचसी अधीक्षक को दी गई न ही एमरजेंसी में तैनात डॉक्टर को।
कानपुर की होम जगदम्बा सेवा समिति 32 मरीजों को लेकर नवाबगंज सीएचसी पहुंची। अस्पताल में राैशनी की उचित व्यवस्था नहीं थी। इसलिये डॉ. नूतन सक्सेना ने टार्च की रोशनी में बिना मरीजाें की जान की फिक्र किये एक के बाद एक 32 ऑपरेशन कर दिये।
इतना ही नहीं ऑपरेशन करके मरीजों को अस्पताल के हॉल में बेड पर लिटाने की जगह उन्हें अंधेरे में फर्श पर लिटा दिया गया। महतवान निवासी मरीज चन्द्रावती, पड़रिया की शिवदेवी, राजाराम ने बताया ऑपरेशन के बाद उन्हें न दवा दी गई और न ही बेड।
हमारी आंखों में खुजली हो रही है। इस बारे में सीएचसी अधीक्षक देवेशदास ने बताया कि उन्हें इन अाॅपरेशन्स की काेई जानकारी नहीं है। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर राजकुमार गौतम ने भी इन अाॅपरेशन्स की जानकारी से इनकार कर दिया। स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह मामले काे स्वता संज्ञान में लेते हुये उन्नाव जिले के चीफ मेडिकल अाॅफीसर काे उनके पद से हटा दिया है।