जेल से फरार बदमाशाें ने बनाया गिरोह
12 सालों से शांत पचनदा और चंबल के बीहडाें में एक बार फिर डकैतों का ऐसा डर फैला है कि रात होते ही लोगों की नींद उड़ जाती है। कभी पहलवान गूजर गिरोह के मददगार रहे गंगा प्रसाद और मुनेश ने बीहड़ का रास्ता अख्तियार कर लिया है। वे हथियारों से लेकर टीम इकट्ठा करने में जुटे हैं। उरई जालौन में रामपुरा के बीहड़ाें में इन बदमाशों की चहलकदमी से गांववाले दहशत में हैं।
रामपुरा थाना के गांव सुल्तानपुरा निवासी मुनेश सिंह व निनावली निवासी गंगा प्रसाद अपहरण के मामले में झांसी जेल में निरुद्ध थे। वहां से वह करीब तीन माह पहले कोर्ट में पेशी के दौरान फरार हो गए। पुलिस ने उनकी तलाश की लेकिन उनको पकड़ने में नाकाम रही। सूत्राें की मानें तो दोनाें ने बिलौड़ के आसपास बीहड़ में अपना डेरा जमा लिया है। उनके पास एक अपहृत भी बताया जा रहा है। मुनेश व गंगा प्रसाद बीहड़ के कोने कोने से वाकिफ हैं। वे पहले भी पहलवान गिरोह के कैजुअल मेंबर रहे हैं। इससे उनके पास डकैताें के पुराने असलहे हो सकते हैं। अगर पुलिस ने समय रहते इस गिरोह पर अंकुश नहीं लगाया तो यह ग्रामीणाें के लिए नासूर बन सकते है। वहीं ग्रामीणाें ने एसपी डा. राकेश सिंह से मांग की है कि बीहड़ में कांबिग कराए ताकि गिरोह पर दबाव बनाया जा सके और इस क्षेत्र में पांव पसारने से इसे रोका जा सके। थानाध्यक्ष प्रभूनाथ सिंह का कहना है कि अभी उन्हें ऐसी जानकारी नहीं है। वह बीहड़ के गांवाें में जाकर दोनाें की बाबत पता कर रहे है। जानकारी होने पर फरार बदमाशाें को सलाखाें के पीछे भेजेंगे।
मौरंग माफिया कर रहे गिरोह की मदद
पहले की तर्ज पर एक बार गिरोह के शरणदाता मौरंग माफिया बन रहे हैं। वह फरार अपराधियाें को संरक्षण देकर अपना कारोबार बंदूक के बल पर चलाना चाह रहे हैं। इससे पहले भी यही माफिया डकैतों को खाना पानी से लेकर हर संसाधन मुहैया कराते थे।