नौबस्ता के गोपाल नगर में घर में अकेली महिला उर्मिला कुरील (52) की हत्या कर बदमाश 50 हजार कैश और शरीर से जेवर उतार ले गए। शाम को मंझला बेटा घर लौटा तो वारदात का पता चला। एसएसपी शलभ माथुर, एसपी साउथ डॉ. संजय यादव, फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
एसएसपी का मानना है कि गला घोटकर हत्या के बाद लूटपाट की गई है। किसी जानकार का हाथ होने का शक है। गोपाल निवासी उर्मिला के पति दिवगंत गंगा प्रसाद पुलिस विभाग में एसआईएम (सबइंस्पेक्टर मिनिस्ट्रीयल) थे। 1999 में उनकी मौत के बाद बड़े बेटे राजेश को उनके स्थान पर नौकरी मिली। राजेश इस समय एसपी हरदोई के स्टेनो हैं।
उर्मिला के दो और बेटे महेश और दिनेश हैं। मंझला बेटा महेश शहर में एक कार शोरूम में नौकरी करता है जबकि छोटा बेटा दिनेश नोएडा में प्राइवेट कंपनी में कार्यरत है। महेश ने पुलिस को बताया कि मां उर्मिला शनिवार सुबह ही मोहल्ले में रहने वाली रिश्तेदार रचना के साथ सतना से लौटी थीं। सतना में एक रिश्तेदार के यहां गई थीं।
महेश के मुताबिक मां के आने के कुछ ही देर बाद वह नौकरी पर चला गया। शाम 7:30 बजे लौटा तो मेनगेट का कुंडा लगा हुआ था। गेट खोलकर अंदर पहुंचा तो ड्राइंग रूम का दरवाजा भी खुला था। फर्श पर मां पड़ी हुई थीं। नाक और कान से खून निकला था।
नाते-रिश्तेदारों के बाद 8:49 बजे पुलिस कंट्रोलरूम को जानकारी दी गई। महेश ने पुलिस को बताया कि मां ने पायल, चेन, अंगूठी, बाले पहन रखे थे, जो गायब हैं। भाई दिनेश को बाइक दिलवाने के लिए बेड की दराज में रखे 50 हजार रुपये भी नहीं हैं। एसएसपी का कहना है कि बेटे की तहरीर के आधार पर हत्या और लूट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
वारदात में किसी करीबी का हाथ
कानपुर साउथ। नौबस्ता के गोपाल नगर में उर्मिला (52) हत्या और लूटपाट में पुलिस को किसी करीबी के शामिल होने का शक है। इसी बिंदु पर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस परिजनों और करीबियों की मोबाइल कॉल डिटेल्स चेक कर रही है। अफसरों ने बेटे महेश से घंटों पूछताछ की। शक के आधार पर तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
पुलिस अफसरों की मानें तो उर्मिला का घर घनी आबादी में है। बाहर पुलिस के कलर वाली नेम प्लेट लगी है। जबरन कोई घर में घुस नहीं सकता। छह दिन बाद उर्मिला सतना में रिश्तेदार के यहां शादी से लौटी थीं। बेटे महेश के नौकरी पर जाने के बाद उन्होंने गेट भी अंदर से बंद किया था।
शाम चार बजे मोहल्ले की गंगा देवी ने उर्मिला को आखिरी बार घर के बाहर खड़े देखा था। पुलिस के मुताबिक बदमाश मेनगेट से ही अंदर गए और वहीं से भागे। इसके अलावा घर के अंदर दाखिल होने का कोई और रास्ता नहीं है। ड्राइंग रूम में उर्मिला की हत्या की गई। वहां संघर्ष के निशान भी नहीं मिले हैं। बदमाशों ने उर्मिला के शरीर से जेवर उतारने और बेड की दराज में रखे रुपये उठाने के अलावा और कुछ भी नहीं लूटा। जबकि अमूमन बदमाश अलमारी और लॉकर पर अटैक जरूर करते हैं। घर पर बाकी सब जस का तस पाया गया। रसोई में चाय के खाली कप और नाश्ते की प्लेट मिली है। इससे साफ है कि वारदात को अंजाम देने वाला कोई करीबी है।