चाराे अाेर हूटराें की अावाज। दरवाजाें पर पुलिस का पहरा। अंदर अाने जाने वालाें से पूछताछ कुछ एेसा ही नजारा है कानपुर माेतीझील स्थित कान्हा ग्रुप अाॅफ हाेटल्स का जहां पिछले कुछ दिनाें से इनकम टैक्स के अाधिकारियाें ने अपना डेरा जमा रखा है। हर कागज की बाल की खाल निकाली जा रही है। एेसे में पूछताछ जब वहां के ड्राइवराें से शुरू हुई ताे वहां खड़े होटल कर्मचारियाें के मुंह से तपाक से निकला 'अरे भैय्या! इनके हियां तो डिराइवरऊ करोड़पति है'।
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ड्राइवराें के नाम कराेड़ाें की संपत्तियों की रजिस्ट्रियां मिली
कान्हा हाेटल
कान्हा होटल ग्रुप के मालिक राजिंदर सिंह छाबड़ा के भाई गुरदीप सिंह छाबड़ा की चार संपत्तियां बेनामी संपत्ति के दायरे में आ सकती हैं। आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि राजिंदर बस सर्विस के मालिक गुरदीप सिंह के घर पर जांच के दौरान इनके लॉकर से इनके एक ड्राइवर के नाम की संपत्तियों की रजिस्ट्रियां मिली हैं। किसी और के नाम की रजिस्ट्री इनके घर पर मिलने से अफसर हैरान हैं। प्रथम दृष्टया मामला बेनामी संपत्ति का माना गया है। गुरदीप सिंह छाबड़ा खुद के घर पर ड्राइवर की रजिस्ट्रियां होने का सही जवाब नहीं दे सके। वे आखिरी समय तक इस बात पर अड़े रहे कि कराेड़ाें की संपत्तियां ड्राइवर के नाम की ही हैं।
आयकर अफसर संपत्तियों के बारे में ड्राइवर से करेंगे पूछताछ
कान्हा हाेटल
अब आयकर अफसर संपत्तियों के बारे में ड्राइवर से पूछताछ करेंगे। ड्राइवर छुट्टी पर बताया जा रहा है। इन संपत्तियों की कीमत करोड़ों में है। छाबड़ा बंधुओं पर आयकर छापे के बाद दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के कुछ बिल्डर और व्यवसायी भी जांच के दायरे में आ गए हैं। छाबड़ा बंधुओं ने इस बिल्डरों और व्यवसाइयों से जमीन की खरीद बिक्री की है। कागजों में इनकी कीमत मामूली रूप से दिखाई गई है, जबकि बाजार मूल्य करोड़ों रुपये का है। आयकर विभाग को इस बात के पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं। इसलिए दिल्ली, नोएडा और गुरु ग्राम के बिल्डरों की फाइल भी अफसरों ने खोल दी है।
छाबड़ा बंधुओं के यहां 14 दिसंबर को आयकर का छापा पड़ा था। इनके नौ ठिकानों से अब तक दो करोड़ रुपये कैश की बरामदगी हो चुकी है। तीन किलो सोना और भारी भरकम ज्वैलरी भी मिली है। इसके अलावा कई शहरों में 20 से ज्यादा अचल संपत्तियां सामने आ चुकी हैं। दोनों भाइयों के नाम 450 से ज्यादा ट्रक भी हैं। गुरदीप सिंह के नाम 250 और राजिंदर छाबड़ा के नाम 200 ट्रक। राजिंदर (छाबड़ा) बस सर्विस के अधीन तीन फर्में काम कर रही हैं। इनमें कान्हा कार्गो मूवर्स, प्रशांत रोड लाइंस और छाबड़ा कैरियर्स शामिल हैं।