चार दिनों से पति की हैवानियत का शिकार बन रही महिला बुधवार को चंगुल से छूटकर एक आटो चालक के सहयोग से अपने पिता के पास पहुंच गई। पिटाई से उसके शरीर पर तमाम चोटें और आंखों के आसपास काले निशान पड़ गए थे। चार दिन में खाने के नाम पर उसे रोटी के कुछ टुकड़े और सब्जी दी गई थी।
महिला के मायके वाले उसे रात में ही नवाबगंज थाने ले गए। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, बंधक बनाकर पीटने, जानमाल की धमकी देने की एफआईआर दर्ज की। इसके बाद परिवार ने महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया है। वन विभाग में उपनिरीक्षक जय प्रकाश अवस्थी चिड़ियाघर परिसर में रहते हैं।
उन्होंने बताया कि 12 मई 2007 को बेटी आरती की शादी ख्योरा निवासी रजनीश पांडेय से की थी। दोनोंको छह साल का बेटा विशाल है। दहेज में एक लाख रुपये के लिए आरती का उत्पीड़न हो रहा था। शादी की सालगिरह के दिन 12 मई को जहां आरती को खुशी मिलनी चाहिए थी, उस दिन भी पति ने उसे पीटा।
रजनीश की पहले बर्तन की दुकान थी। अब नहीं है। पैतृक और खुद की खेती काफी है। आरती ने बताया कि चार दिन से उसे कमरे में बंद कर पीटा जा रहा था। पिटाई बेहोश हो जाने तक होती थी। जिंदा रहूं, इसके लिए बीच-बीच में पानी और थोड़ा सा खाने को दे देते थे। पति का खौफ इतना है कि परिवार के अन्य लोग कुछ नहीं बोलते।
एक बार देवर ने बचाने की कोशिश की तो पीटा गया। छिप-छिपाकर बेटा करीब आकर सुबकता था। पति बेवजह चरित्र पर अंगुली उठाता था। यहां तक कि कोई कबाड़ी वाला घर के सामने रुक जाता तो उसका भी खामियाजा आरती कोे ही भुगतना पड़ता था। बुधवार को दोपहर में कमरे का दरवाजा खुला रह गया।
बेटा स्कूल गया था। पति के बाहर निकलने पर वह भाग निकली। बकौल आरती जल्दी से एक आटो में बैठ गई। रास्ता नहीं जानती थी। आटो वाला चुन्नीगंज ले गया, वहां पूछने पर उसने अपनी पीड़ा बताई। आटो वाला अच्छा था। उसने फोन कर उसके पिता को सूचना दी। पिता ने आरती को अस्पताल में भर्ती कराया है।
एसओ प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपी पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। महिला का मेडिकल परीक्षण भी करा दिया गया है। पति की तलाश की जा रही है।