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क्या आप भी पीते हैं रिफाइंड और डिटर्जेन्ट पाउडर से बना दूध?

Wed, 28 Dec 2016 01:07 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो
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रिफाइंड और डिटर्जेन्ट पाउडर से बना दूध क्या आप भी पीते हैं। दूध के माफिया इस मिलावटी दूध को बड़े शहरों की डेयरियों में खपा रहे हैं।  मिलावट का ये काला खेल लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि दूध में मिलावट को कैसे पहचानें।
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ऐसे तैयार किया जाता है नकली दूध
थोड़े से दूध में पहले जमकर लिक्विड वॉशिंग फैब्रिक डाला जाता है। इससे दूध की मात्रा बढ़ती है और उसमें फेन आता है। इसके बाद नकली दूध के कनस्तर में नकली रिफाइंड ऑयल मिलाया जाता है। ये नकली दूध को जरूरी चिकनाहट देता है। इसके बाद आधे घंटे तक दूध को फेटा जाता है, उसे घोंटा जाता है ताकि तेल और डिटरजेंट दूध में अच्छी तरह मिल जाएं। इसके बाद नल का पानी लेकर उस सिंथेटिक दूध में मिला दिया जाता है और सिंथेटिक दूध तैयार। इसी दूध को पीने के लिए आसपास के शहरों मे बेचा जाता है। इसी दूध से मिठाई और खोया बनाकर त्यौहारों में बेचा जाता है। जाहिर है ये दूध शरीर में बीमारियों का घर बनाता है।
दूध में मिलावट की ऐसे करें पहचान
दूध की बूंद को चिकनी सतह पर गिराएं। अगर बूंद धीरे बहे और सफेद निशान छोड़े तो शुद्ध दूध है। मिलावटी दूध की बूंद बिना निशान छोड़े तेजी से बह जाएगी।  
यूरिया का पता ऐसे करें
टेस्ट ट्यूब में थोड़ा दूध और सोयाबीन या अरहर पाउडर मिलाएं। पांच मिनट बाद लाल लिटमस पेपर इसमें डुबोएं। अगर पेपर का रंग नीला हो जाए तो यूरिया मिला है। 
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वनस्पति की मिलावट ऐसे करें
 3 ml दूध में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की 10 बूंद मिलाएं।  एक चम्मच चीनी मिलाने के पांच मिनट बाद लाल रंग हो जाएगा।
कैसे पहचानें सिंथेटिक दूध 
सिंथेटिक दूध स्वाद में कड़वा लगता है। उंगलियों के बीच रगड़ने पर साबुन जैसा चिकनापन लगता है। गर्म करने पर पीला पड़ जाता है।
नमूना लेकर जांच भी कराई जा रही
हमीरपुर भरुआ सुमेरपुर के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि इन कारोबारियों को नियमानुसार लाइसेंस दिया गया है और समय-समय पर इनके दूध का नमूना लेकर जांच भी कराई जा रही है। रुपये देने के मामले पर कहा कि आरोप निराधार हैं और वह इन दूध कारोबारियों का सैंपल प्रतिमाह लेकर जांच अवश्य कराएंगे। ताकि मानव जीवन के साथ यह खिलवाड़ न कर सकें।
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