साथ ही हंगामा कर रहे दोनों पक्षों के 13 लोगों को हिरासत में ले लिया गया। शुक्रवार को पुलिस ने पकड़े गए सभी लोगों को निजी मुचलके पर थाने से छोड़ दिया। थाना प्रभारी सैय्यद मोहम्मद अब्बास ने बताया कि दोनों पक्षों में विवाद हल हो गया है। तनाव के मद्देनजर सराय गांव में फोर्स तैनात है।
इधर, एसडीएम और सीओ ने भी मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों के लोगों से बातचीत की। साथ ही मामूली बात पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दोनों पक्षों के लोगों को दी।
बेटी की तबियत खराब है
सराय गांव निवासी मुन्ने खां ने बताया कि उनकी बेटी गुड्डी बीमार है। मंदिर का लाउडस्पीकर तेज आवाज में बजने से बेटी को दिक्कत होती है। इसलिए दामाद बबलू ने तेज लाउड स्पीकर बजाए जाने पर एतराज किया था। इसी बात पर विवाद बढ़ गया और दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे।
खुन्नस के पीछे की वजह
सरांय गांव के लोगों का कहना है कि खुन्नस के पीछे की वजह दूसरे समुदाय के युवकों का मंदिर परिसर में जुआ खेलना है। पुजारी और आसपास के लोगों ने युवकों को मंदिर परिसर में जुआं खेलने से कई बार मना किया। वे झगड़े पर आमादा हो जाते हैं, जिससे दूसरे पक्ष के लोगों में नाराजगी थी। सराय गांव में हुए विवाद की जानकारी जुटाने पहुंचे एलआईयू के कर्मचारियों को थाना प्रभारी ने फोटो खींचने से रोक दिया। इस पर एलआईयू कर्मियों व थानेदार में नोकझोंक भी हुई। इसके बाद भी एलआईयू कर्मियों ने अपना काम किया। सूचना संकलित की। फोटो खींचकर रिपोर्ट आला अफसरों को भेज दी।
एसपी का बयान
दोनों समुदाय के लोगों को चेतावनी दी गई है कि दोबारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी। कहा गया कि मंदिर में आरती के वक्त दूसरा पक्ष अपने धार्मिक स्थल का लाउडस्पीकर बंद रखेगा। दूसरे पक्ष के धार्मिक स्थल पर इबादत के वक्त मंदिर का भी लाउडस्पीकर नहीं बजेगा। दोनों धार्मिक स्थलों में जितने लाउडस्पीकर लगे हैं, उसके अतिरिक्त कोई और लाउडस्पीकर सिस्टम नहीं लगेगा।
- अनुराग वत्स एसपी