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मरीज की मौत, डॉक्टरों पर मुकदमा

Mon, 04 Jan 2016 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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लाल बंगला स्थित डॉ. डे नर्सिंग होम में एक सफाई कर्मचारी की रविवार सुबह मौत हो गई। इलाज में लापरवाही से भड़के परिजनों के साथ करीब सौ से अधिक लोग अस्पताल में हंगामा करने लगे।
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पुलिस फोर्स और पीएसी के पहुंचने पर परिजन शांत हुए। परिजनों की तहरीर पर नर्सिंग होम के संचालक डॉ. एके डे व डॉ. राजीव कैथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

कन्नौज में नियुक्त सफाई कर्मचारी सचेंडी निवासी सोनू (32) पुत्र रोशन लाल को बेहोशी की हालत में 28 दिसंबर को डॉ. डे नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। 30 दिसंबर को न्यूरो सर्जन डॉ. राजीव कैंथ ने सोनू का आपरेशन किया था। दो दिन के बाद उन्हें आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया।
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सोनू के भाई मनोज का आरोप है कि रविवार सुबह भाई (सोनू) की हालत अचानक बिगड़ने लगी। कई बार बुलाने पर भी डॉक्टर नहीं आए। डॉक्टरों की लापरवाही से हुई भाई की मौत का आरोप लगाते हुए परिजन हंगामा करने लगे। उधर कर्मचारी के गांव के करीब सौ से अधिक लोगों के अस्पताल पहुंचने से माहौल गरमाने लगा।

इसी बीच सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस फोर्स और पीएसी पहुंच गई। दोपहर बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

छह बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
सोनू की मौत से छह मासूम बच्चों के सिर से बाप का साया उठ गया। सोनू आपने पीछे पत्नी मंजू के अलावा 3 बेटे, 3 बेटियां छोड़ गया है। सबसे बड़े बेटे की उम्र 12 साल के करीब है। बेटी की मौत से मां विद्या देवी के अलावा पूरे परिवार का बुरा हाल है।

चकेरी इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी ने बताया कि मृतक सोनू के पिता रोशन लाल ने डे नर्सिंग होम के संचालक डॉ. एके डे व डॉ. राजीव कैथ के खिलाफ तहरीर दी थी। इस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं डॉ. एके डे का कहते हैं कि शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया है। मुझे मुकदमा दर्ज होने की जानकारी नहीं है।

लापरवाही का आरोप गलत
अस्पताल प्रशासन के डॉ. राहुल डे ने कहा कि उपचार में लापरवाही की बात गलत है। ऑपरेशन के बाद 14 दिन तक खतरे की जानकारी परिजनों को दी गई थी। मरीज के उपचार के लिए 1.69 लाख रुपये जमा कराए गए हैं। उधर परिजनों को पूरे उपचार में लगभग ढाई लाख रुपये खर्च आने की बात कही थी।

डॉक्टरों के पोस्टमार्टम नहीं करने पर हंगामा
कानपुर। पिटाई के बाद गला घोटकर मारे गए युवक के पंचनामे में पुलिस ने मारपीट का जिक्र नहीं किया तो डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम बीच में ही रोक दिया। इससे गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों का घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया। मामला एसपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी और एसएसपी शलभ माथुर के पास पहुंचा तो चौकी इंचार्ज ने पोस्टमार्टम कराया।

तब जाकर परिजन शांत हुए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चेहरे पर पांच चोटों के निशान और गला घोटने से मौत की पुष्टि हुई है। विष्णुपुरी कॉलोनी कोहना निवासी खड़खड़ा चालक रंजीत (20) का शव शनिवार को आवास-विकास तीन के एक नाले में मिला था। रंजीत के गले में रस्सी और शरीर पर चोट के निशान थे।

इसके बाद भी कल्याणपुर इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने नशे में नाले में गिरकर मौत की बात कहते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई विक्रम ने काकादेव रोशन नगर निवासी कामरान, इमरान और मोनू के खिलाफ हत्या की तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पंचनामे में शरीर पर मिली एक भी चोट का जिक्र तक नहीं किया।

इसी बात पर डॉक्टरों ने ऐतराज जताते हुए पोस्टमार्टम रोक दिया। इंस्पेक्टर संतोष सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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